चरखी दादरी। जिले के दादरी ब्लॉक के सभी गांवों में विकास कार्यों के लिए प्रदेश सरकार ने दस करोड़ का बजट मंजूर कर दिया है। इस बजट राशि से गांवों में गलियों का निर्माण, दूषित पानी की निकासी व अन्य रास्तों का निर्माण कराया जाएगा। इस प्लान को सिरे चढ़ाने के लिए पंचायत विभाग सरकार की तरफ से स्वीकृति मिलने का इंतजार कर रहा था। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों न होने से सरपंचों में सरकार और पंचायत विभाग के प्रति खासी नाराजगी बनी हुई थी। विभाग की प्लानिंग है कि 31 मार्च तक इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाए।
गांवों में केंद्र व राज्य सरकार की ओर से जनसंख्या के अनुरूप हर साल ग्रांट दी जाती है। इस प्लान के तहत गांवों को दो से पांच लाख तक का बजट मिलता रहा लेकिन इस बजट से गांवों में छोटे स्तर के कार्यों को ही पूरा किया जा रहा है। सरकार बनने के बाद दो साल तक गांवों के विकास के लिए कोई बड़ी बजट राशि नहीं दी गई । जिसके कारण गांवों में सभी गलियों, रास्तों एवं नालियों और सामुदायिक केंद्र आदि का निर्माण नहीं हो सका। गत कांग्रेस सरकार के शासनकाल में बनी गांवों की अधिकतर गलियां जवाब दे चुकी हैं। खासकर गांवों में दूषित पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने की वजह से सड़कें ज्यादा खराब हो रही हैं। गांवों में दूषित पानी की निकासी के लिए स्थायी समाधान की जरूरत है। करीब डेढ़ साल पहले सरकार ने 10 हजार की आबादी से ज्यादा वाले गांवों में दूषित पानी निकासी की समुचित व्यवस्था करवाए जाने की बात कही थी लेकिन यह प्लान अब तक सिरे नहीं चढ़ सका है। घनी आबादी वाले गांवों में दूषित पानी की वजह सेेे बुरा हाल बना हुआ है। दूषित पानी सड़कों पर जमा रहने से गलियां व मेन रास्ते खराब हो रहे हैं। लंबे समय दूषित पानी का जमाव होने पर सड़कें व पक्की गलियां धंस की गईं जिससे लोगों का आवागमन भी बाधित हो जाता है।
बाक्स: सरपंचों को दी जा रही गाइडलाइन
अब गांवों में तेज गति से विकास कार्य हो सकेंगे। सीएम घोषणा के तहत जिले के दादरी ब्लॉक को 10 करोड़ का बजट मिला है। ऐसे में गांवों में जर्जर गलियों का निर्माण हो सकेगा और मेन रास्तों का भी निर्माण होने पर लोगों की काफी हद तक परेशानी दूर हो सकेगी। इस बजट को खर्च करने के लिए पंचायत विभाग ने कागज प्रक्रिया तेज कर दी है। सरपंचों को भी आवश्यक गाइड लाइन दी जा रही है ताकि विकास कार्यों को समय रहते पूरा करवाया जा सके।