नए कप्तान को निपटना होगा पांच चुनौतियाें से
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
दो दिन पूर्व ही जिले का चार्ज लेने वाले आईपीएस अधिकारी हिमांशु गर्ग के सामने कई चुनौतियां हैं। प्राथमिकता के तौर पर लोगों को उनसे पांच मामलों में राहत की उम्मीद है। उनके चार्ज लेने से पहले ही बिरही, छपार व फतेहगढ़ में चोर गिरोह सक्रिय हो गया है। यहां के सात घरों से लाखों के गहने और नकदी पर हाथ साफ कर गांव में दहशत फैला रखी है। करीब सालभर पहले ढाणी फौगाट और महराणा के तीन-चार घरों से भी इन तीनों गांवों की तर्ज पर ही लाखों की चोरियां हुई थीं जोकि सभी अभी तक ट्रेस आउट नहीं हुई है। इसके अलावा एसपी हिमांशु गर्ग के लिए ओवरलोड वाहनों पर रोक लगाने, शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने व शिक्षण संस्थानों में छात्राओं की सुरक्षा बढ़ाने, अवैध असलहा की तस्करी रोकना प्रमुख रहेगी। जिला बनने के बाद हिमांशु गर्ग दादरी के दूसरे एसपी हैं। उनसे पहले आईपीएस सुनील दलाल करीब 11 माह तक एसपी रहे हैं।
चुनौती- 1: दो रातों में हुई सात चोरियां
वीरवार को आईपीएस हिमांशु गर्ग ने दादरी का कार्यभार संभाला है। उनकी ज्वाइनिंग से ठीक पहले चोरों ने गांव फतेहगढ़ में चोरी की। इसमें से दो में सफल भी हुए। एक मकान से लाखों के गहने और नकदी ले जाने में सफलता हाथ लगी तो दूसरे मकान से भी हजारों की नकदी चुराने में कामयाब रहे। अगली रात चोरों ने बिरही कलां व छपार के चार घरों में भी वारदात को अंजाम दिया। सातों चोरियां एक ही तरह की गई। गिरोह ने जिस कमरे में परिवार के सदस्य सो रहे थे उसका दरवाजा पहले बाहर से बंद किया। बाद में गहनों व नकदी वाले कमरों में दाखिल हुए।
चुनौती- 2: अवैध असलहा की सप्लाई पर रोक लगाना
दादरी सिटी थाना पुलिस, सदर थाना पुलिस, सीआईए टीम व सीआईए-टू ने बीते दो माह में करीब दस-12 अवैध हथियार बरामद किए हैं। इस दौरान कुछ आरोपियों के पास से तो पुलिस को कारतूस भी बरामद हुए हैं। इससे स्पष्ट है कि जिले में अभी भी अवैध हथियार बड़ी आसानी से पहुंच रहे हैं। पुलिस अब तक हथियारों की सप्लाई पर जिले में पूर्णतया रोक नहीं लगा पाई है। एसपी के सामने से अवैध असलहा की सप्लाई पर रोक लगाना भी चुनौती से कम नहीं होगा।
चुनौती- 3: सीएम तक मामला पहुंचा, नहीं रुकी ओवरलोडिंग
दादरी जिला ओवरलोडिंग मसले पर शुरूआत से ही सुर्खियों में है। यहां तक की ओवरलोडिंग का मामला सूबे के मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठ चुका है। इस पर संज्ञान लेकर सीएम ने खनन अधिकारी को भी सस्पेंड किया था। बीते चार-पांच दिनों से खनन कार्य और मैटेरियल लाने-ले जाने पर पूर्णतया रोक है। इसके बाद भी धड़ल्ले से क्रेशरों, रोड़ी व बजरी से भरे डंपर चल रहे हैं। ओवरलोडिंग पर लगाम कसना भी नए पुलिस कप्तान के लिए चुनौती है।
चुनौती- 4: शहर का ट्रैफिक सुधार प्लान तैयार करना
इस समय शहर की अंदरूनी सड़कों की ट्रैफिक व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। कोर्ट रोड, बस स्टैंड रोड, पुरानी अनाज मंडी, रेलवे रोड, काठ मंडी रोड व पुराना दिल्ली रोड पर ट्रैफिक व्यवस्था चरमराई नजर आती है। वहीं, सड़कों के नो-पार्किंग जोन में वाहन खड़ा करने से भी सड़कें सिमट कर आधी रह जाती है और इस कारण वाहनों के आवागमन में कठिनाईयां आती हैं और सड़क पर जाम लग जाता है। इसके अलावा कई बिना रूट प्लान चल रहे करीब 500 ऑटो पर लगाम लगाकर भी ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार करना भी एसपी के लिए चुनौतीपूर्ण रहेगा।
चुनौती- 5: सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखना
शहर के सुरक्षा व्यवस्था घेरे को भी इस समय मजबूत करने की जरूरत है। सर्दियों की शुरुआत में ही ग्रामीण क्षेत्र के साथ-साथ चोर गिरोह शहर में भी सक्रिय हो जाता है और बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम देते हैं। बीती सर्दियों में भी चोरी की छोटी-बड़ी कई वारदातें हुई थी और सभी को पुलिस ट्रेस भी नहीं कर पाई है। वहीं, शहरवासियों को सीसीटीवी कैमरों की कमी इस समय बेहद खल रही है।
कोट
जिले में ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए दस रोज में प्लान तैयार कर ली जाएगी। चोरी की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए बाजार के लोगों के सहयोग की ज्यादा जरूरत है। ग्रामीण क्षेत्रों में पूरी तरह से गश्त संभव नहीं है। जिले में अवैध हथियार पकड़ने के लिए पुलिस की गश्त जारी रहेगी। यह तो चोर-पुलिस का खेल है। ओवरलोड डंपरों पर अंकुश लगाना अकेला पुलिस विभाग का काम नहीं है इसके लिए संबंधित विभागों से तालमेल बनाकर ठोस कदम उठाया जाएगा। - हिमांशु गर्ग, एसपी, चरखी दादरी