अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशि चौहान की अदालत ने दहेज के लिए परेशान कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले पति को सात साल कैद की सजा सुनाई है। वहीं दोषी को 25 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है। पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार सिलाना गांव निवासी बलवान ने बताया कि उसकी बेटी स्वीटी की शादी खुडन निवासी प्रमोद के साथ 24 नवंबर 2009 को हुई थी। शादी में उसने अपने हैसियत अनुसार दान-दहेज भी दिया था। लेकिन शादी के बाद स्वीटी का पति प्रमोद अधिक दहेज के लिए परेशान करने लगा। इसी को लेकर दो तीन बार वो खुद भी समझा चुका था लेकिन वो नहीं मान रहे थे। प्रमोद दहेज में कार की डिमांड कर रहा था लेकिन वो कार नहीं दे सकता था। इसी दौरान 25 जुलाई 2016 को उसे बताया गया कि फंदा लगाकर उसकी बेटी ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने के लिए उसकी बेटी स्वीटी को उसके पति प्रमोद व ससुर बलवान ने मजबूर किया था। इसी कारण से उसकी बेटी ने यह कदम उठाया है। मामले में सुनवाई पूरी करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शशि चौहान की अदालत ने दहेज के लिए परेशान कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले पति को सात साल कैद की सजा सुनाई है। वहीं ससुर को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया है। वहीं दोषी पति प्रमोद को 25 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है।