अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
पुलिस ने लूटपाट के अनेक मामलों में वांछित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए बदमाशों के कब्जे से एक लूटी हुई फॉर्च्यूनर गाड़ी और एक पिस्तौल बरामद की है। सभी आरोपी गांव मांडोठी के निवासी हैं। इनके खिलाफ गुरुग्राम, रेवाड़ी और झज्जर जिलों के अलावा दिल्ली, यूपी और बिहार में शराब तस्करी के मामले दर्ज हैं। चोरी और लूटे गए वाहनों को उक्त युवा आरोपी शराब तस्करी में इस्तेमाल करते थे। इतना ही नहीं अगर इनकी गाड़ी कहीं पुलिस से घिर जाती तो गाड़ी को वहीं छोड़कर फरार हो जाते। पुलिस ने आरोपियों से जो फॉर्च्यूनर गाड़ी बरामद की है, वह उन्होंने चोरों से छीनी थी।
सभी युवा एक ही गांव के निवासी
झज्जर रोड पर गांव दुल्हेड़ा के पास नियमित गश्त कर रही अपराध जांच शाखा बहादुरगढ़ की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर आठ युवकों को एक छीनी गई फॉर्च्यूनर गाड़ी और अवैध पिस्तौल के साथ काबू कर लिया। पकड़े गए सभी युवक गांव मांडोठी के निवासी है। इनमें मोनू उर्फ अमित, मोनू उर्फ काला, कृष्ण उर्फ जगबीर, योगराज उर्फ योगी, विक्रम, आशीष उर्फ छोटू, मोनू उर्फ महेश और सचिन उर्फ गंजा शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ सदर थाना बहादुरगढ़ में मामला दर्ज किया है। बदमाशों को पकड़ने वाली पुलिस टीम की अगुवाई इंस्पेक्टर जसबीर सिंह ने की।
गुप्त सूचना पर की गई नाकाबंदी
पुलिस अधीक्षक पंकज नैन के मुताबिक, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ये बदमाश लूटी और चोरी की गई गाड़ियों को शराब की तस्करी में प्रयोग करते हैं। जोकि जिला रेवाड़ी से चोरी हुई गाड़ी को बेचने की फिराक में घूम रहे हैं और कुछ समय बाद बहादुरगढ़ की तरफ जाएंगे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बहादुरगढ़-झज्जर रोड पर गांव दुल्हेड़ा में सरकारी स्कूल के पास नाकाबंदी कर ली। कुछ देर बाद दूर से आती दिखाई दी एक फॉर्च्यूनर गाड़ी को पुलिस टीम ने इशारा करके रुकवाया। युवकों की गतिविधि संदिग्ध लगी तो पुलिस ने सभी को काबू कर लिया। ड्राइवर की पहचान गांव मांडोठी के कबोसिया पाना निवासी मोनू उर्फ अमित के रूप में हुई।
नहीं दिखा पाए गाड़ी के कागज
पुलिस द्वारा फॉर्च्यूनर गाड़ी के कागजात मांगने पर चालक कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाया। संदेह के आधार पर चालक मोनू की तलाशी ली गई तो उसके कब्जे से एक 315 बोर का देशी पिस्तौल बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस सभी को अपराध शाखा कार्यालय बहादुरगढ़ ले आई। अधिकारियों से परामर्श कर सदर थाने में केस दर्ज कर सभी को गिरफ्तार कर लिया। एसपी पंकज नैन ने बताया कि पूछताछ में बदमाशों ने हथियारों के बल पर लूटपाट व छीना झपटी की सात वारदात कबूली हैं।
नकली पिस्तौल दिखा डराते थे गाड़ी वालों को
आरोपियों ने इसी अप्रैल में रेवाड़ी में एक रिट्ज गाड़ी आगे अड़ाकर फॉर्च्यूनर गाड़ी छीनी थी। बदमाशों ने तीन फॉर्च्यूनर गाड़ियां बिलासपुर और मानेसर थाना क्षेत्र से छीन रखी हैं। वे अपनी किसी गाड़ी को आगे अड़ाकर राहगीर से गाड़ी रुकवा लेते। नकली या असली पिस्तौल दिखा डराकर गाड़ी छीनने की वारदात को अंजाम देते थे। एक रिट्ज गाड़ी करीब 15 दिन पहले बादली-बहादुरगढ़ रोड से लूटी थी। करीब 20 दिन पहले स्विफ्ट गाड़ी आगे अड़ाकर एक पिकअप गाड़ी छीनने का प्रयास किया था। लगभग एक सप्ताह पहले एक स्विफ्ट डिजायर गाड़ी बादली से किराए पर बुक करके गांव सौलधा के पास पहुंचने पर छीन ली थी।
हरियाणा के तीन जिलों और तीन राज्यों में दर्ज हैं मामले
एसपी नैन ने बताया कि ये बदमाश छीनी गई गाड़ियों का शराब तस्करी के धंधे के लिए इस्तेमाल करते थे। वे हरियाणा से अवैध शराब गाड़ियों में भरकर दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार में सप्लाई करते थे। उनके खिलाफ दिल्ली, उत्तर प्रदेश व बिहार में भी शराब तस्करी के मामले दर्ज हैं। इन मामलों में उपरोक्त बदमाश वांछित हैं। पकड़े गए आठों आरोपियों को सोमवार को बहादुरगढ़ कोर्ट में पेश किया गया। जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
कहां से छीनी कौन सी गाड़ी
रेवाड़ी से रिट्ज
बिलासपुर से फॉर्च्यूनर
बिलासपुर से फॉर्च्यूनर
मानेसर से फॉर्च्यूनर
बादली से रिट्ज
बहादुरगढ़ सदर से स्विफ्ट
बहादुरगढ़ सदर क्षेत्र में एक कार छीनने की कोशिश की।
वर्जन
वाहन चोरी करने और छीनने के आरोप में पकड़े गए गांव मांडोठी निवासी सभी युवकों की उम्र 20 से 26 साल के बीच है। ये सभी शराब तस्करी के माध्यम से जल्द पैसा कमाना चाहते थे। खुद पकड़े जाने और अपनी गाड़ी के फंसने से बचने के लिए वे शराब तस्करी में चोरी अथवा लूटी गई गाड़ी का इस्तेमाल करते थे। इनके खिलाफ जिन थानों में केस दर्ज हैं, वहां की पुलिस भी पूछताछ कर सकती है।
- पंकज नैन, एसपी झज्जर।