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उतर प्रदेश से लापता बालक रोहद में मिला

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
पुलिस ने उत्तर प्रदेश के दर्शन नगर से 17 अप्रैल को अपहृत किए गए बच्चे को वीरवार देर शाम बहादुरगढ़ के रोहद स्थित औद्योगिक क्षेत्र से सकुशल बरामद कर किया है। बहादुरगढ़ पुलिस ने बच्चे और दो आरोपियों को यूपी पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस के मुताबिक, रंजिश के चलते बच्चे का अपहरण किया गया था।
दरअसल, मूलत: गांव जगदीशपुर (जिला बस्ती उत्तर प्रदेश) निवासी दिनेश चौधरी का बेटा दीपांशु (10) पिछले कुछ समय से यूपी के दर्शन नगर (जिला फैजाबाद यूपी) निवासी ज्ञान सागर वर्मा के यहां रह रहा था। रोजाना की तरह गत 17 अप्रैल की सुबह भी वह अपने स्कूल (एमआरडी इंटर स्कूल) जाने के लिए स्कूल गाड़ी में बैठ गया।
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इसी दौरान रास्ते में उसका अपहरण हो गया।
दोपहर को जब वह घर पर नहीं पहुंचा तो ज्ञान वर्मा ने स्कूल मैनेजर फतेह बहादुर को फोन किया। फिर पता चला कि दीपांशु स्कूल नहीं पहुंचा। इस मामले में ज्ञान वर्मा ने स्कूल की प्रधानाचार्य अमिता सिंह, ड्राइवर अवधेश सहित कुल 11 लोगों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। वर्मा का आरोप था कि उक्त सभी दीपांशु के गांव के हैं। इन्होंने रंजिश के चलते दीपांशु का अपहरण कराया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अमिता व अवधेश के अलावा रामनयन, श्याम नारायण, लवकुश, घनश्याम, त्रिभवन, अनिल कुमार, रूप नारायण और दो अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था।

अनिल पर थी शक की सूईं
पुलिस मामले में लगातार नामजदों पर नजर बनाए हुए थी। पुलिस की शक की सूईं आरोपी अनिल पर थी। यूपी पुलिस ने अनिल के संभावित स्थानों पर दबिश दी, मगर कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने उसका मोबाइल सर्विलांस पर लगा दिया। वीरवार को जैसे ही अनिल का फोन ऑन हुआ तो मोबाइल की लोकेशन गांव रोहद स्थित लोटस कंपनी के आसपास दिखाई दी। इसके बाद यूपी पुलिस ने हरियाणा पुलिस से संपर्क किया। सूचना पाकर हरियाणा पुलिस तुरंत हरकत में आई। आसौदा चौकी पुलिस ने रोहद स्थित उक्त फैक्टरी के आसपास सर्च अभियान चलाया। सर्च अभियान के दौरान शाम को आरोपी को बच्चे सहित काबू कर लिया गया।

ये है रजिंश
पुलिस के मुताबिक, आरोपी अनिल के चाचा बसंत ने दीपांशु के दादा की हत्या कर दी थी। हत्या के मामले में कोर्ट में केस चल रहा है। दबाव बनाने के मकसद से अनिल ने दीपांशु का अपहरण किया था। बताते हैं कि रंजिश के कारण ही माता-पिता ने दीपांशु को अपने परिचित के यहां छोड़ रखा है।
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सकुशल मिला बच्चा
जांच अधिकारी प्रवीण कुमार ने कहा कि अनिल का एक परिचित लोटस फैक्टरी में काम करता है। बच्चे का अपहरण करने के बाद 17 अप्रैल को ही वह यहां आ गया था। वह बच्चे को कमरे पर ही रखता था। बच्चा सकुशल पाया गया है। अनिल और उसका साथ देने वाले युवक और बच्चे को यूपी पुलिस को सौंप दिया है। मामले में आगे की कार्रवाई यूपी पुलिस करेगी।
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