अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
शिफ्टिंग विवाद निपटने के बाद प्रारंभ स्कूल में छात्राओं की जांच को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। छात्राओं ने प्रबंधन पर आरोप लगाया है कि जांच के नाम पर उन्हें दो घंटे जबरन बंधक बनाया गया। लेकिन दोपहर बाद पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप के चलते मामला शांत हो गया।
राजकीय बहुतकनीकी संस्थान के हॉस्टल में रहने वाली प्रारंभ स्कूल ऑफ टीचर एजुकेशन छात्राओं ने महिला कंट्रोल रूम को फोन कर सूचना दी थी कि उन्हें हॉस्टल के एक कमरे में जबरन बंधक बनाया गया है तथा उनके कमरों की उनकी गैर-मौजूदगी में तलाशी ली गई।
कंट्रोल रूम में सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और मामले को शांत करवाने का प्रयास किया। लेकिन मामला सुलझने की बजाए शुक्रवार की सुबह बिगड़ गया। छात्राओं ने कक्षा में जाने की बजाए स्कूल के मैदान में धरना शुरू कर दिया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि प्रबंधन ने जांच के नाम पर उनके अधिकारों का हनन किया गया है। छात्राओं ने कहा प्रबंधन सदस्य बेवजह छात्राओं को परेशान कर रहे हैं। वहीं, छात्राओं के धरने की सूचना पर महिला थाना प्रभारी व तहसीलदार मौके पर पहुंचे। जहां पर दोनों पक्षों से बातचीत किए जाने के बाद मामला सुलझा लिया गया।
ये बोली प्राचार्या
हॉस्टल में रूटीन की जांच हुई थी, जिसे गलत तौर पर प्रचारित किया गया है। छात्राओं को मोबाइल प्रयोग करने की परमिशन नहीं है, लेकिन छात्राएं आदेशों की पालना नहीं करती। जिसके बारे में प्रारंभ स्कूल ऑफ एजुकेशन को सूचित किया जा चुका है लेकिन प्रबंधन भी कोई एक्शन नहीं ले रहा।
- गीता गुलिया, प्राचार्या, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान, झज्जर।