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बेटी को दिल्ली पुलिस में लगवाने का झांसा देकर 10 लाख 16

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चरखी दादरी। बौंदकलां थाना क्षेत्र के गांव सांजरवास निवासी एक व्यक्ति के साथ बेटी को दिल्ली पुलिस में नौकरी लगवाने के नाम पर 10.16 लाख रुपये की ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित पक्ष इस मामले पर सोमवार को पुलिस अधीक्षक हिमांशु गर्ग से भी मिला। पीड़ित परिवार ने रविवार देर शाम बौंदकलां थाने में भी शिकायत सौंपी है। बौंदकलां थाना पुलिस ने फर्जीवाड़े के इस मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपी ने जो ज्वाइनिंग लेटर उन्हें थमाया है वो भी फर्जी है।
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सांजरवास गांव निवासी नानू ने बताया कि वह ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करता है। उसने इधर-उधर से रुपये उधार उठाकर अपनी बेटी को नौकरी लगवाने के लिए आरोपी को दिए थे। नानू ने बताया कि करीब एक साल पहले वह अपनी पत्नी के साथ दादरी से रोडवेज बस में बैठकर अपने गांव जा रहा था। इसी दौरान उसकी बगल में बैठा व्यक्ति भी उनसे बात करने लगा और उसने खुद को रोहतक के गांव सांघी का निवासी बताया। नानू ने बताया कि बातचीत के दौरान उसने कहा कि वह पुलिस में है। पूर्व मुख्यमंत्री के गांव का होने के कारण उसकी ऊपर तक पहुंच है। वह बड़े आराम से किसी को नौकरी लगवा सकता है। इस दौरान उक्त शख्स ने उसका मोबाइल नंबर भी लिया। नानू ने बताया कि कुछ माह पहले उक्त शख्स का फोन आया और उसने उसके बच्चों के संबंध में पूछताछ की। नानू ने बताया कि इस दौरान उसने उसकी बेटी को दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल भर्ती कराने का झांसा दिया। इसके बाद वह नियमित अंतराल पर उनसे रुपये लेता चला गया और उसने करीब 10.16 लाख 800 रुपये उनसे लिए। नानू ने बताया कि इसके बाद उसने कलानौर में एक बार 25 हजार और दूसरी बार 27 हजार रुपये मंगवाए। इन्हें एक क्लॉथ स्टोर पर रखवा दिया। इसके अलावा भी आरोपी ने 15 से अधिक बार उनसे यूं ही किश्तों में मोटी रकम ऐंठ ली। नानू ने बताया कि उक्त शख्स ने खुद को पुलिस कर्मी और सांघी गांव का रहने वाला बताया था, लेकिन उन्होंने जब अपने स्तर पर पता लगाया तो उक्त शख्स का गांव रानीला मिला।

ट्रेनिंग के लिए हथियार खरीदने के नाम पर भी ली रकम
पीड़ित नानू ने बताया कि आरोपी ने उन्हें अपने काम के सिलसिले में नारनौल ले जाने की बात कही। इस दौरान उसने बताया कि नारनौल कोई अधिकारी आना है और उससे उनकी मुलाकात करवा देगा। इस दौरान आरोपी ने कहा कि ट्रेनिंग के लिए उसकी बेटी को हथियार खरीदना पड़ेगा और इसके लिए अधिकारी को रुपये देने है। आरोपी ने उन्हें कहा कि ट्रेनिंग खत्म होने के बाद हथियार की रकम उसके खाते में वापस आ जाएगी।
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19 अगस्त को बुलाया नारनौल, फोन तक नहीं उठाया
बकौल नानू, 19 अगस्त को आरोपी ने उन्हें नारनौल बुलाया था। फोन पर उसने उन्हें सुबह दस बजे तक नारनौल पहुंचने की बात कही थी। दो घंटे तक इंतजार करने के बाद हमने 12 बजे के बाद उसके पास फोन मिलाने शुरू किए लेकिन शाम साढ़े सात बजे तक उसने उनका फोन नहीं उठाया और इसके बाद नंबर स्विच ऑफ आने लगा। जिसके चलते नारनौल से हम गांव वापस आने के लिए चल पड़े। नानू ने बताया कि आरोपी का पता चलने पर वो सांजरवास की पंचायत लेकर रानीला गांव में उसके घर पहुंचे। वहां आरोपी ने पंचायत के सामने उससे इतने रुपये लेने की हामी भर ली और दो दिन में पैसे लौटाने का आश्वासन दिया। इसके दो दिन बाद जब वो उसके घर पहुंचे तो उसने पैसे वापिस मांगने पर गोली मारने की धमकी देकर उन्हें वहां से भगा दिया।

रविवार देर शाम ही मामले की शिकायत हमारे पास आई है। इसकी जांच हमने शुरू कर दी है और जो थी तथ्य सामने आएंगे। उसी आधार पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - राजेंद्र सिंह, बौंदकलां थाना प्रभारी
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