अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में बुधवार को हुई युवती की मौत के बाद वीरवार को गांव लुकसर में दिनभर वीरानी छाई रही। युवती के मकान के आसपास की गलियां सुनसान थी। गलियों में इक्का-दुक्का ही आदमी नजर आ रहा था। चूंकि मामला गंभीर था इसलिए ग्रामीण भी चुप्पी साधे हुए थे। जांच के दौरान पुलिस को युवती का मोबाइल भी बरामद हुआ है। पुलिस मामले की ऑनर-किलिंग के नजरिये से भी जांच कर रही है। फिलहाल आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
ये है मामला
दरअसल, गांव लुकसर निवासी 20 वर्षीय युवती बहादुरगढ़ के राजकीय महाविद्यालय में बीए फाइनल में पढ़ती थी। बुधवार की देर शाम को संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी मौत हो गई। शव को अस्पताल ले जाने व पुलिस को सूचना दिए बगैर ही देर शाम को चोरी-चुपके परिजनों ने गांव की श्मशान भूमि में उसका दाह संस्कार कर दिया। इसी बीच किसी ग्रामीण ने पुलिस को फोन करके मामले की सूचना दे दी। फोन करने वाले ने बताया कि गांव लुकसर में एक परिवार ने अपनी बेटी को मार दिया है और शव को गांव की श्मशान भूमि में जलाया जा रहा है। तभी पुलिस मौके पर पहुंची, मगर तब तक चिता जलाई जा चुकी थी। गांव के लोगों ने युवती द्वारा खुदकुशी करने की बात कही। जबकि पुलिस को सूचना देने वाले ने इसे हत्या बताया था। इसके बाद पुलिस ने मामले को ऑनर किलिंग से जोड़कर युवती के पिता अजय व अन्य परिजनों के खिलाफ हत्या और शव को खुर्द-बुर्द करने की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस कार्रवाई में युवती के गलत चाल-चलन की वजह से उसकी हत्या किए जाने की बात सामने आ रही है, लेकिन मामले में अभी किसी युवक का नाम भी सामने नहीं आया है।
गांव में पसरा सन्नाटा
बुधवार की रात चिता धधकने और ग्रामीणों के विरोध की वजह पुलिस श्मशाम घाट से अस्थियां एकत्र नहीं कर पाई। वीरवार सुबह जब पुलिस चिता से अस्थियां जुटाने पहुंची तो गांव में सन्नाटा पसरा हुआ था। करीब 11 बजे गांव की गलियों में इक्का-दुक्का आदमी ही दिखाई दे रहा था। ऑनर किलिंग के सवाल पर कुछ ग्रामीणों ने चुप्पी साध ली तो कुछ ने कहा कि परिवार बेहद शरीफ है, ऐसा काम नहीं कर सकता। जांच के बाद सब साफ हो जाएगा। पुलिस के गांव में पहुंचने से लेकर अस्थियां जुटाने की कार्रवाई के करीब ढाई घंटे तक केवल 12-15 लोग ही दिखाई दे रहे थे। ये तमाम लोग मामले को शांतिपूर्वक निपटाने की जुगत में थे।
युवती का मोबाइल मिला
वीरवार को पुलिस फिर से जांच के लिए मृतका के घर में पहुंची। इस दौरान पुलिस को युवती का मोबाइल मिला। पुलिस के मुताबिक मोबाइल लॉक है, एक्सपर्ट की मदद से लॉक खुलवाया जाएगा। फोन अनलॉक होने के बाद मामले से संबंधित अहम जानकारियां मिल सकती हैं।
अधिकारी बोले
उधर, सदर थाना पुलिस प्रभारी जसबीर सिंह ने कहा कि प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का लग रहा है, लेकिन असल कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद हो पाएगी। प्रेम-प्रसंग की बात भी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल युवती के पिता और अन्य परिजनों के खिलाफ हत्या व शव को खुर्द-बुर्द करने का केस दर्ज किया गया है। ऑनर किलिंग के बारे में आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच पूरी होने के बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकता है।
पहले भी हो चुकी ऐसी घटनाएं
गांव लुकसर में हुई इस युवती की मौत की घटना के अलावा भी बीते तीन साल में इलाके में दो युवतियों की संदिग्ध मौत के मामले सामने आ चुके हैं। गत सात दिसंबर को गांव खरहर में ऐसी ही घटना हुई थी। यहां भी परिजनों द्वारा किशोरी के शव का चोरी-चुपके दाह-संस्कार कर दिया गया था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दाह संस्कार रुकवाया था। उस दौरान किशोरी के पिता व अन्य परिजनों पर हत्या का केस दर्ज हुआ था। उक्त किशोरी गांव सांपला के सरकारी स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा थी। करीब दो साल पहले गांव कुलासी में एक युवक की प्रेम प्रसंग के चलते हत्या कर दी गई थी। गांव लुकसर में पांच साल पहले प्रेम प्रसंग से जुड़ी एक घटना हुई थी। दरअसल, गांव के ही युवक-युवती ने भागकर प्रेम विवाह कर लिया था। इस मामले में पंचायत स्तर पर दोनों पक्षों के बीच खूब विवाद हुआ था। इसके बाद पंचायत ने लड़के व उसके परिजनों का गांव से हुक्का-पानी बंद कर दिया था।