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प्राचार्या की हत्या के विरोध में बंद रहे निजी स्कूल, शिक्षिकाओं ने डीसी से हाथ जोड़ लगाई सुरक्षा प्रबंधों की गुहार

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शिक्षकों ने लगाई सुरक्षा की गुहार, डीसी को सौंपा ज्ञापन
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
यमुनानगर के एक निजी स्कूल की प्राचार्या की छात्र द्वारा गोली मारकर हत्या करने के विरोध में मंगलवार को जिले के चारों ब्लाकों के करीब 350 निजी स्कूल बंद रहे। निजी स्कूल एसोसिएशन के तत्वाधान में रोज गार्डन में शिक्षकों ने रोष सभा कर मृतक शिक्षिका को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद शहर में रोष प्रदर्शन कर जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिक्षिकाओं ने उपायुक्त विजय कुमार सिद्प्पा के सामने हाथ जोड़कर निजी स्कूल स्टाफ की सुरक्षा के इंतजाम करने की गुहार लगाई।
सर्वप्रथम निजी स्कूल एसोसिएशन के बैनर तले दादरी सहित बौंद कलां, बाढड़ा, झोझू कलां आदि सभी ब्लॉक के निजी स्कूल संचालक और स्टाफ सदस्य रोज गार्डन में एकत्रित हुए। एक रोष सभा आयोजित कर शिक्षकों पर हमला करने के आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। बैठक में सबसे पहले इस दुर्घटना के दौरान अपनी जान गंवा चुकी यमुनानगर की प्राचार्या रितु छाबड़ा को श्रद्धांजलि दी गई। इसके उपरांत जिला प्रधान सुरेश सांगवान ने कहा कि ऐसी दुर्घटनाओं की जितनी निंदा की जाए उतनी ही कम है। प्रदेश में निजी स्कूल शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए दिन-रात प्रयासरत रहते हैं, परंतु फिर भी उनको हमेशा विद्यार्थियों, समाज एवं अभिभावकों का विरोधी ही दिखाया जाता है। किसी भी प्राकृतिक या स्वाभाविक दुर्घटना के लिए भी प्राचार्य और मैनेजमेंट को एफआईआर दर्ज करने की धमकी दी जाती है। प्राचार्या की हत्या पर सरकार की तरफ से कोई भी अधिकारी या कर्मचारी का न पहुंचना सरकार के संवेदनहीन को उजागर करता है। सरकार रोज नए-नए नियम बनाकर स्कूलों पर आर्थिक बोझ लाद रही है, जिससे गरीब विद्यार्थियों को पढ़ाने वाले निजी स्कूल बंद होने के कगार पर आ चुके हैं। उन्होंने मांग की है कि अगर सरकार कोई नियम बनाती है तो इसमें निजी स्कूल एसोसिएशन को भी शामिल करें। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण निजी स्कूलों के शिक्षक, प्राचार्य, प्रबंधन समितियां आदि अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही है। इस मौके पर जिला प्रधान सुरेश सांगवान, जिला संरक्षक प्रीतम फौगाट, उपप्रधान राजेंद्र बाढड़ा, बाढड़ा ब्लॉक प्रधान मुन्ना लाल शर्मा, बाढड़ा ब्लॉक महासचिव देवेंद्र हडौदी, जिला महासचिव विक्रम सिंह फौगाट, जिला सचिव कृष्ण कुमार, झोझू ब्लॉक प्रधान प्रमेंद्र चितौडिय़ा, रतन लाल कौशिक, बौंद ब्लॉक प्रधान हरि सिंह, मुन्ना लाल गुप्ता, नवीन श्योराण, नरसिंह चाहार, जगदीश सांगवान, सुरेश सोलंकी, आनंद कलकल, मंजीत कुमार, राजेंद्र सिंह, रमेश शर्मा सुखबीर मलिक, सत्यवान, नरेंद्र परमार मौजूद रहे।
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बौंदकलां ब्लॉक में भाजपा पदाधिकारियों के स्कूल भी रहे बंद
प्रिंसिपल रितू छाबड़ा की हत्या और अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को बौंदकलां क्षेत्र के 30 स्कूलों पर ताला लटका रहा। इनमें भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों द्वारा संचालित स्कूल भी शामिल हैं। मंगलवार को बौंदकलां, सांजरवास, रानीला, भागेश्वरी, सांवड़, अचीना ताल, मिसरी और सांकरोड में करीब 30 निजी स्कूलों ने अपनी मांगों को लेकर कक्षाएं नहीं लगाकर विरोध प्रकट किया।

घटना के बाद से खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे स्टाफ सदस्य
यमुनानगर प्राचार्या हत्याकांड बेहद निंदनीय है। इस घटना के बाद से ही स्टाफ सदस्य खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। सरकार को शिक्षकों की सुरक्षा की तरफ ध्यान देना चाहिए। - नरसिंह चाहर, प्राचार्य, एससीआर स्कूल चरखी
इस तरह की घटनाएं बेहद शर्मनाक है। किसी समय में गुरुजनों को भगवान का दर्जा दिया जाता था लेकिन आज छात्र उनकी जान ले रहे हैं। इस संबंध में सरकार को कड़ा संज्ञान लेना चाहिए। - योगेश लीली, निदेशक, विवेकानंद स्कूल झोझूकलां
इस तरह की घटनाएं पहले भी हुई हैं लेकिन सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। अगर शिक्षक ही खुद असुरक्षित महसूस करेंगे तो वो राष्ट्र के सुनहरे भविष्य का निर्माण नहीं कर पाएंगे। - मुकेश जाखड़, निदेशक, एसईडी स्कूल बरसाना
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यमुनानगर कांड के बाद से ही शिक्षकों के जहन में भय बना हुआ है। सरकार को शिक्षकों की समस्याओं व परेशानियों पर गौर कर स्कूलों में सुरक्षा के प्रबंध कराने चाहिए। - विक्रम फौगाट, निदेशक आर्यंस मॉडल स्कूल
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