फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

48 घंटों में होगी जांच, आरोप सिद्ध हुए तो होगा मामला दर्ज

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूूरो
विज्ञापन

झज्जर।
सामान्य अस्पताल में आउटसोर्स कर्मियों से उनकी नियुक्ति की एवज में रिश्वत मांगे जाने के मामले की जांच जिला स्वास्थ्य विभाग ने शुरू कर दी है। रिश्वत मांगने के मामले का ऑडियो पिछले दिनों वायरल हुआ था। लेकिन पूरे घटनाक्रम का विस्तृत ब्यौरा जब मीडिया ने प्रकाशित किया तो उसके बाद जिला स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामले में संज्ञान लेते हुए जिला सिविल सर्जन डॉ. रमेश धनखड़ ने पहले तो नागरिक अस्पताल में आउटसोर्स का ठेका लेने वाले ठेकेदार को तलब किया और बाद में उससे पूरे घटनाक्रम को लेकर पूछताछ की। हालांकि पूछताछ के दौरान इस प्रकार के कोई तथ्य उजागर नहीं हुए, जिससे पूरे मामले का पता चलता हो।
लेकिन सीएमओ डॉ. धनखड़ का कहना है कि अब तक हुई जांच से पूरे घटनाक्रम में शक की सूई संबंधित ठेकेदार के सुपरवाइजर पर घूम रही है। लेकिन जैसे ही मामले की पुष्टि होती है तो इस बारे में पुलिस के पास केस दर्ज कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

ये था मामला
अप्रैल माह में झज्जर के नागरिक अस्पताल का ठेका दिल्ली की किसी फर्म ने लिया था। करीब तीन माह तक आउटसोर्स कर्मियों को नियुक्ति-पत्र नई फर्म द्वारा नहीं दिया गया। बाद में जब मामला मीडिया में उठा तो उस दौरान ही पिछले कई साल से आउटसोर्स के तहत नागरिक अस्पताल में काम कर रहे कर्मियों के नियुक्ति-पत्र दिए जाने का बहाना बनाकर उनके त्यागपत्र पर हस्ताक्षर करवा लिए गए। मामले को लेकर उक्त कर्मचारियों ने अस्पताल परिसर में हंगामा भी किया। पूरे प्रकरण को लेकर कर्मचारियों ने अस्पताल प्रबंधन को शिकायत करने के साथ-साथ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से भी मुलाकात कर उन्हें पूरी स्थिति से अवगत कराया था। अभी पूरे मामले में संज्ञान लिया ही जाना था कि गत दिवस इन्हीं कर्मचारियों से उनकी नियुक्ति दिए जाने की एवज में 25 हजार की रिश्वत मांगने के मामले का ऑडियो वायरल हो गया। मामले में खास बात यह है कि संबंधित ठेकेदार के जिस सुपरवाइजर ने रिश्वत की रकम मांगी है। उसने करीब 25 मिनट की बातचीत में नागरिक अस्पताल के ही अधिकारियों को रिश्वत की यह रकम दिए जाने की बात कही है।

वर्जन
दो दिन में पूरे मामले की जांच कर ली जाएगी। जांच में अगर आरोप साबित हुए तो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया जाएगा।
डॉ. रमेश धनखड़, सीएमओ, झज्जर।


- अस्पताल में नियुक्ति के बदले रिश्वत मांगे जाने का मामला
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें