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दहेज प्रताड़ना से तंग विवाहिता ने खुद को लगाई आग, मौत

Sat, 13 Feb 2016 02:00 AM IST
झज्जर/बहादुरगढ़
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थाना साल्हावास क्षेत्र गांव गौरिया में दहेज प्रताड़ना से तंग एक विवाहिता पुष्पा ने खुद को आग लगा ली। इससे पहले उसने अपने एक वर्षी के अपने बेटे को दूध पिलाया और सास के हवाले कर कमरा अंदर से बंद कर लिया।
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आग लगने से वह चीखी, लेकिन पड़ोस के लोग इसे घर का हर रोज का विवाद समझकर बचाव में नहीं आए। जलने से पुष्पा की मौके पर ही मौत हो गई।

आग से कमरे में रखा डबल बेड और अन्य सामान भी जल गया। पुलिस ने मृतका के पिता के बयान पर पति, सास और ननद के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। और शव को पोस्टमार्टम के बाद वारिसों को सौंप दिया।

गुड़गांव थाना पटौदी के अंतर्गत आने वाले शहरपुुर निवासी भीम सिंह ने पुलिस को बताया कि करीब तीन साल पहले उसने अपनी बेटी पुष्पा की शादी गांव गौरिया के विजय से की थी। शादी में उसने अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया। शादी के डेढ़ साल बाद विजय को फायर ब्रिगेड में सरकारी नौकरी मिल गई।
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वर्तमान में वह कोसली में तैनात था। आरोप है कि नौकरी लगने के बाद से पुष्पा को परिजन दहेज के लिए परेशान करने लगे। वे उस पर मायके से कार और अन्य सामान लाने के लिए दबाव डाल रहे थे।

इस बीच पुष्पा ने बेटे को जन्म दिया तो परिवार वालों ने फिर से दहेज में कार लाने को कहा। इसको लेकर परिवार में हर रोज ही कलह होने लगी थी।

पुष्पा का पति विजय और ससुर देवीलाल वीरवार की रात गुड़गांव में अपनी रिश्तेदारी में एक शादी में शरीक होने के लिए गए थे।

पीछे से घर में पुष्पा, उसका एक साल का बेटा और सास शकुंतला थी। रात को साढ़े 12 बजे के करीब पुष्पा ने अपने बेटे को दूध पिलाया और यह कहकर सास को दे दिया कि उसे संभाल ले। इसके बाद वह घर में छत पर अपने कमरे में चली गई। वहां उसने कमरे में रखे कपड़ों में आग लगाई और खुद को उसमें झोंक दिया।



पुलिस के अनुसार पुष्पा ने आग कपड़ों में लगाई थी। मौके पर तेल की केन या बोतल आदि नहीं थी। आग की लपटों से घिरने के बाद पुष्पा काफी देर तक चीखती-चिल्लाती रही।



सास ने भी शोर मचाया, लेकिन कोई भी पड़ोसी बचाने के लिए नहीं आया। पुलिस की छानबीन में लोगों ने बताया कि घर में हर रोज ही कलह रहती थी। मारपीट, झगड़ा व चीख-पुुकार हर रोज को काम था।

पड़ोस के लोग यही सोचकर नहीं आए कि ही रोज की तरह ही विवाद है। किसी ने भी ये नहीं समझा कि पुष्पा आग से घिरने के बाद चिल्ला रही है। सर्दी के कारण लोग घरों के अंदर थे और ऐसे में किसी ने भी आग से उठ रहे धुएं का पता नहीं चला।

पुष्पा की सास ने फोन पर विजय व उसके पिता को बुलाया, इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। तब तक पुष्पा की मौत हो चुकी थी।



पुष्पा को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। इसी से तंग आकर उसने खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके पिता भीम सिंह के बयान पर पति विजय, सास शकुंतला और ननद सुमन के खिलाफ दहेज हत्या के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
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दहेज के लिए पिछले डेढ़ साल से उसे तंग किया जा रहा था। शव को पोस्टमार्टम के बाद वारिसों को सौंप दिया गया है।
-बलबीर सिंह, एसआई थाना साल्हावास
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