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रिटायर्ड स्वास्थ्य कर्मी और युवती के खाते से निकाले 2.30 लाख

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हैकर्स ने दादरी शहर निवासी युवती सहित दो बैंक उपभोक्ताओं को निशाना बनाया है। दोनों के खातों से 2.30 लाख रुपये की नकदी दूसरे के खातों में ट्रांसफर की गई है। पीड़ित बुजुर्ग के खाते से 2.12 लाख जबकि युवती के खाते से 17650 रुपये निकाले गए हैं। दोनों ने मामले की शिकायत सिटी पुलिस को सौंपी है। पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, बुजुर्ग ने बताया कि उसके खाते से कई ट्रांजेक्शन की गई हैं। ये ट्रांजेक्शन चंडीगढ़ से की गई हैं।
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केस-एक:
बैंक अधिकारी बनकर ली जानकारी, खाते में छोड़े महज 47 रुपये
पुलिस शिकायत में शहर के वार्ड-15 सिंघान मोहल्ला निवासी युवती कोमल ने बताया कि उसका खाता कोटक महेंद्रा बैंक में है। दो जुलाई को दोपहर 3.17 पर उसके पास अज्ञात नंबर से कॉल आई। कोमल ने बताया कि फोन करने वाले शख्स ने खुद को बैंक अधिकारी बताया। उसने डाटा अपडेट करने के लिए उससे कस्टमर आईडी पूछी। इसके कुछ देर बाद ही खाते से 17650 रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर लिए। पीड़िता ने बताया कि उसके खाते में 17697 रुपये थे। हैकर द्वारा नगदी दूसरे के खाते में ट्रांसफर करने के चलते अब केवल 47 रुपये ही बचे हैं। पीड़िता ने पुलिस को शिकायत देकर आरोपी की गिरफ्तारी और खाते से निकाली गई नगदी दिलाने की मांग की है। पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
केस-दो:
बुजुर्ग से नहीं ली कोई जानकारी, फिर भी निकले 2.12 लाख
वार्ड-दो गांधी नगर निवासी बुजुर्ग ओमप्रकाश को भी हैकर्स ने अपना निशाना बनाया। पीड़ित ने बताया कि वे स्वास्थ्य विभाग से एमपीएचएस रिटायर्ड हैं। उनका खाता एसबीआई में है। ओमप्रकाश ने बताया कि उनकी पेंशन इस खाते में आती है। तीन दिन के अंदर हैकर्स ने उनके खाते से 2.12 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने बताया कि ये नगदी नौ ट्रांजेक्शन से निकाली गई हैं। पीड़ित का कहना है कि उसके पास न तो कोई कॉल आई और न ही उसने किसी को एटीएम दिया। इसके बाद भी उसके खाते से रुपये निकाले गए हैं। ओमप्रकाश ने बताया कि उसने गत दिनों ही 67 हजार की राशि खाते में डलवाई थी। पीड़ित का कहना है कि उसके खाते से ट्रांजेक्शन चंडीगढ़ से की गई है। अब खाते में महज 700 रुपये ही बचे हैं।
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पूर्व कर्मचारी बन रहे हैकर्स का ज्यादा शिकार
वैसे तो हर वर्ग के खाताधारक हैकर्स का शिकार बन रहे हैं। पूर्व कर्मचारी और सैनिकों के खातों पर इनकी पैनी नजर है। हैकर्स किसी न किसी बहाने से पूर्व कर्मचारी और बुजुर्गों को झांसे में लेकर खाते की जानकारी ले लेते हैं। इसके तुरंत बाद नकदी एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। पिछले चार साल की बात करें तो 30 से अधिक बुजुर्ग हैकर्स का निशाना बने हैं।
किसी को न दें खाते से संबंधित जानकारी
हैकरों द्वारा की गई ठगी की वारदातें थमने का नाम ही नहीं ले रही हैं। खाते से नगदी निकलने के बाद उपभोक्ताओं की न बैंक मदद कर पा रहा है और न पुलिस। वहीं, बैंक अधिकारियों की उपभोक्ताओं से अपील है कि वे अपने खातों की जानकारी किसी को भी न दें। इसके अलावा एटीएम में ट्रांजेक्शन करते समय अनजान के हाथ में ने तो एटीएम कार्ड दें और न ही पिन नंबर बताएं। इसके अलावा ऑनलाइन शॉपिंग के समय भी विशेष सावधानी बरतें।
पुलिस ने इस संबंध में दो मामले दर्ज किए हैं। मामले की जांच हमने शुरू कर दी है। जल्द से जल्द इन्हें सुलझाने का प्रयास करेंगे। जगराम, इंस्पेक्टर, सिटी थाना प्रभारी
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