दिल्ली की बाहरी जिला अंतर्गत नरेला थाना पुलिस ने वाहन चोरी और फर्जी जज बनकर ठगी के कई मामलों में लिप्त रहे हरियाणा के एक वकील को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के समय वह किसी महिला के साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में रह रहा था। उसकी गिरफ्तारी से वाहन चोरी के तीस और ठगी के दो मामलों का खुलासा हुआ है। फर्जी जज को रोहिणी अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका था।
बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त गौरव शर्मा ने बताया कि नरेला औद्योगिक थाना इलाके में तैनात हवलदार विकास को सूचना मिली थी कि वाहन चोरी के तीस और ठगी के दो मामलों में शामिल बहादुरगढ़ का निवासी राजीव गोयल उर्फ धनंजय उर्फ मोनू रोहिणी में किसी महिला के साथ छिपकर रह रहा था। पुलिस को यह भी सूचना मिली थी कि राजीव गोयल फर्जी जज बनकर ठगी की वारदात को भी अंजाम दे चुका है। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए हवलदार और उसकी टीम ने टेक्निकल सर्विलांस की सहायता से राजीव गोयल को दबोच लिया। उसे अदालत में पेश किया गया जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
भगोड़ा घोषित है आरोपी
पुलिस उपायुक्त के अनुसार आरोपी कानून में स्नातक और बहादुरगढ़ में प्रैक्टिस करता था। उसे वर्ष 2012 में पश्चिम विहार इलाके में पहली बार गिरफ्तार किया गया था, तब उसने बचाव में खुद को जज बताया। मामले की पूरी जांच के बाद उसके बयान को झूठा पाया गया और उसकी निशानदेही पर चोरी की 15 कारें बरामद की गईं। दूसरी बार उसे फर्जी जज के रूप में तब गिरफ्तार किया गया जब वह सीकर, राजस्थान के रनौली थाना इलाके में स्थित एक पेट्रोल पंप से कार में ईंधन भरवाकर बिना बिल अदा किए फरार होने को था। उस समय भी उसने कार में लालबत्ती लगाई हुई थी और जज की नकली आईडी उसके पास से मिली थी। पुलिस के मुताबिक, राजीव गोयल को रोहिणी कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। वह फ्रॉड के जरिये एक कोर्ट में तीन माह तक काम भी कर चुका था।