-फोटो 56 : मेले में खरीदारी करती महिला। संवाद
बहादुरगढ़। सेक्टर-6 स्थित कम्यूनिटी सेंटर में नाबार्ड प्राचीन कारीगर एसोसिएशन व रुडफ की ओर से चल रहा 10 दिवसीय हस्तशिल्प एवं सांस्कृतिक उत्सव मेला रंगारंग कार्यक्रमों के साथ संपन्न हुआ। मेले में विभिन्न प्रदेशों के आए 90 से ज्यादा हस्तशिल्पी व कलाकार अगले साल अपने अन्य साथियों को फिर से यहां लाने का वादा कर गए। अंतिम दिन मेले में अधिक भीड़ जुटी।
देशभर के हस्तशिल्प क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजे गए ये कलाकार बहादुरगढ़ में 10वीं बार आए थे। यहां उन्होंने अच्छा व्यापार भी किया। इस बार के मेले में 19 प्रदेशों के कलाकारों ने हिस्सा लिया। मेले का एक भाग ग्रामीण माहौल और ग्रामीण संस्कृति से भी रूबरू कराता रहा। मेले में हस्तशिल्पी व हथकरघा कारीगरों के अलावा विविध अंचलों की वस्त्र परंपरा और लोक नृत्यों का भी समागम किया गया। मेले में लगे विभिन्न स्टाॅल हर क्षेत्र की कलाकृतियों से लोगों को परिचित कराते रहे। इन स्टालों में पश्चिम बंगाल और असम के बांस और बेंत की वस्तुएं, पूर्वोत्तर राज्यों के वस्त्र, उड़ीसा एवं तमिलनाडु के अनोखे हस्तशिल्प देखे गए। मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब और कश्मीर के आकर्षक परिधान, मुरादाबाद के पीतल के बर्तन और चंदन की लकड़ी के हस्तशिल्प भी यहां पंसद किए गए।
बहादुरगढ़ के बोंदवाल परिवार के काष्ठ शिल्प, बहादुरगढ़ की क्ले से जुड़ी कलाकारी के अलावा मुरादाबाद की पीतल से बनी आकर्षक वस्तुओं को देख शहर के लोग दंग रह गए। दस दिन तक शानदार मनोरंजक सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। आखिरी दिन प्राचीन कारीगर एसोसिएशन की ओर से सभी शिल्पियों को सम्मानित किया गया।