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Jhajjar-Bahadurgarh News: मंजूरी के चार साल बाद भी शुरू नहीं हुआ छुछकवास बाईपास का निर्माण

Mon, 11 Mar 2024 01:59 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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झज्जर। वर्ष 2019 में मंजूर हुए छुछकवास बाईपास निर्माण के दायरे में आने वाली 80 प्रतिशत किसानों की जमीन अधिगृहित हो चुकी है लेकिन 20 फीसदी किसान जमीन देने के लिए तैयार नहीं है। इस कारण मंजूरी के पांच महीने बाद भी इस बाईपास का निर्माण शुरू नहीं हो सका। पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग ने जमीन के बदले जमीन योजना के तहत फाइल बनाकर मुख्यालय को दो माह पहले जनवरी में भेज दी थी। इस फाइल को सीएम कार्यालय से मंजूरी मिलना बाकी है। मंजूरी मिलने के बाद बाकी बचे 20 प्रतिशत किसानों को दूसरी जगह सरकार की तरफ से जमीन उपलब्ध करवाई जाएगी। उसके बाद यह कार्रवाई आगे बढ़ सकेगी।
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जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद मारौत से मातनहेल रोड को जोड़ने वाले करीब 6 किलोमीटर लंबे इस बाईपास का निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग की तरफ से शुरू किया जाएगा। बाईपास के लिए भूमि देने के लिए करीब 80 प्रतिशत लोग अपनी सहमति जता चुके हैं लेकिन 20 प्रतिशत किसानों के सहमत न होने से पेंच फंसा है। इसके निर्माण के लिए सरकार की तरफ से जून 2019 में करीब 25 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दी जा चुकी है, लेकिन पांच साल बाद भी पूरी जमीन का अधिग्रहण नहीं हो सका। इस कारण बाईपास का काम आज तक शुरू नहीं हो सका है।
दो दशक से चली आ रही है मांग
बाईपास के निर्माण के लिए करीब 26.8 एकड़ जमीन की आवश्यकता है, जिसमें गांव मारोत के किसानों की 5.9 व गांव छुछकवास के किसानों की 22.9 एकड़ भूमि शामिल है। करीब पिछले दो दशक से इस बाईपास के निर्माण की मांग चली आ रही है। ई-भूमि खरीद पोर्टल पर भी बाईपास के निर्माण के लिए भूमि को आनलाइन किया गया था।
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लोगों को मिलेगी लंबे जाम से राहत

छुछकवास में बाईपास का निर्माण होने के बाद लोगों को यहां लगने वाले लंबे जाम से राहत मिलेगी।छुछकवास चौक पर ट्राली उद्योग की दुकानें अधिक होने के कारण और दिर-रात हजारों की संख्या में वाहन गुजरने के कारण अधिकांश समय जाम लगा रहता है। दिल्ली, गुरुग्राम क्षेत्र को जाने वाले, रोहतक- झज्जर, राजस्थान आदि को जाने वाले वाहन यहां से ही गुजरते हैं जबकि झाड़ली क्षेत्र में औद्योगिक इकाईयां स्थापित हो जाने के बाद भी यहां से वाहनों का आवागमन पहले से काफी ज्यादा बढ़ गया है।



छुछकवास बाईपास की फाइल जनवरी में मुख्यालय को भेज दी गई थी। सीएम कार्यालय से मंजूरी मिलना बाकी है। 20 प्रतिशत किसानों की रजिस्टरी बाकी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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अरुण कुमार, जेई, लोक निर्माण विभाग, झज्जर
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