झज्जर। संयुक्त किसान मोर्चा के घटक संगठनों के सदस्यों ने शुक्रवार को लघु सचिवालय में रोष-प्रदर्शन किया तथा धरना दिया। अपनी मांगों का ज्ञापन उपायुक्त झज्जर के माध्यम से राज्यपाल को सौंपा।
इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर बाढ़ से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा न देने, मारे गए नागरिकों, पशुओं, ढह गए घरों, क्षतिग्रस्त हुए ट्यूबवेलों, नदी में समा गए तथा रेत के टीलों में बदल गए खेतों के नुकसान की भरपाई न करने तथा बाजरे और धान की एमएसपी पर सरकारी खरीद न करने के खिलाफ नारेबाजी की गई।
धरने को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी ने कहा कि प्रदेश की जनता दो-तीन महीने से बाढ़ और सूखे की मार झेल रही है। समय रहते सरकार ने ड्रेनों, नालों, नदियों की सफाई व तटबंधों को मजबूत नहीं किया। 6.5 लाख एकड़ से ज्यादा फसलें डूब गई। किसान मजदूर उत्थान मोर्चा के अध्यक्ष सुमित छिकारा ने कहा कि प्रदेश में कपास की फसल पर गुलाबी सुंडी का आक्रमण है। सरकार तुरंत गिरदावरी करवाए तथा खराबे का मुआवजा जारी करे। किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्लेम के लिए प्राइवेट कंपनियों के फर्जीवाड़े से लड़ना पड़ रहा है। इस अवसर पर सतपाल सभ्रवाल, किशन छबीली, कैलाश खोहाल, संसार सुरहेती, हरीश हसनपुर, जोगेंद्र सैनी, नीतू खातीवास, रमेश, कृष्ण मेंगलपुर उपस्थित थे।