बाढ़सा स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के भूमि पूजन में सांसद दीपेंद्र हुड्डा के निमंत्रण को रद करने के मुद्दे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का रोष कम नहीं हो रहा। सोमवार को तीसरे दिन भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में प्रदर्शन कर सीएम का पुतला जलाया और बेरी एसडीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
खास बात है कि कांग्रेस कार्यकर्ता तो मामले में उबाल खाए हैं, लेकिन पार्टी विधायक गीता भुक्कल, पूर्व विधायक नरेश शर्मा व अन्य वरिष्ठ नेता चुप्पी साधे हैं। बादली हलका से जुड़े कांग्रेस कार्यकर्ता सोमवार को डॉ. कुलदीप वत्स के नेतृत्व में स्थानीय अंबेडकर चौक पर एकत्रित हुए। कांग्रेसियों ने पहले तो मुख्यमंत्री व भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और बाद में मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने के बाद शहरभर में प्रदर्शन किया। ज्ञापन देने लघु सचिवालय में पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने वहां जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। ज्ञापन डीसी के निर्देश पर बेरी एसडीएम अजय मलिक ने लिया।
डॉ. वत्स ने कहा कि देश में जबसे बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने संविधान बनाया है, उसके बाद से ऐसा शायद पहली बार हुआ है कि किसी सांसद को समारोह में पहले आमंत्रण देना और बाद में उसे खारिज किए जाने की मिसाल पेश की गई हो। यह सब कुछ सोची समझी साजिश के तहत हुआ है। इसका जवाब कांग्रेस नहीं बल्कि भविष्य में होने वाले चुनाव में जनता ही दे देगी।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले तो सांसद हुड्डा के इस कार्यक्रम में उनकी गरिमामयी उपस्थिति दर्शाकर उन्हें सम्मान से सुशोभित करने की बजाय अपमानित करने का प्रयास भाजपा सरकार ने किया। राष्ट्रपति व देश के प्रधानमंत्री के नाम जिला प्रशासन को कांग्रेसियों ने ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि या तो अपनी गलती के लिए सरकार सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। अन्यथा ऐसा न होने पर प्रदेश की सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए।