झज्जर। नए साल में लागू किए जाने वाले कलेक्टर रेटों में बहादुरगढ़ व बादली को छोड़कर फिलहाल किसी अन्य तहसील के प्रस्तावित रेटों में परिवर्तन नहीं होगा। बहादुरगढ़ और बादली के प्रस्तावित कलेक्टर रेटों के लिए ही आपत्तियां और दावे लोगों की तरफ से जमा करवाए गए हैं।
इसके अलावा झज्जर, बेरी, साल्हावास और मातनहेल तहसीलों के लिए कोई भी दावा या आपत्तियां नहीं आई है। जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय में बहादुरगढ़ के लिए 10, बादली के लिए दो आवेदन आपत्तियों के आए हैं। अब इन दोनों और आपत्तियों पर सुनवाई की जाएगी। यदि सुनवाई के दौरान रखे गए पक्ष सही मिलते हैं तो उसके बाद ही बदलाव किए जाएंगे अन्यथा प्रस्तावित कलेक्टर रेट ही नए साल में लागू हो सकते हैं। जिला प्रशासन की तरफ से दिसंबर के प्रथम सप्ताह में नए साल 2024 के लिए कलेक्टर रेट प्रस्तावित किए थे और इनके लिए दावे और आपत्तियां मांगी गई थी। इसके लिए 7 से 22 दिसंबर तक का समय दिया गया था। 22 दिसंबर की शाम पांच बजे तक केवल 12 आवेदन ही जिला राजस्व कार्यालय में पहुंचे।
बहादुरगढ़, बादली बन रहा औद्योगिक क्षेत्र
बहादुरगढ़ पूरी तरह से औद्योगिक क्षेत्र बन चुका है। अब बादली भी औद्योगिक क्षेत्र बन रहा है। यहां रिलायंस सहित कई बड़ी कंपनियों ने जमीन ले रखी है। ऐसे में आने वाले समय में यह क्षेत्र बडे़ औद्योगिक क्षेत्र बनकर उभरेंगे। इसलिए इन क्षेत्र के ही लोगों ने दावे और आपत्तियां जमा कराए हैं।
बहादुरगढ़ व बादली तहसील के कलेक्टर रेट के लिए 12 आपत्तियां आई हैं। बाकी तहसील की आपत्तियां व दावे नहीं आए हैं। इन आपत्ति व दावों पर सुनवाई की जाएगी और उसके बाद फाइनल रेट जारी कर दिए जाएंगे।
प्रमोद चहल, जिला राजस्व अधिकारी, झज्जर