झज्जर। सीएम फ्लाइंग की दो अलग-अलग टीमों ने मंगलवार को जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय और सीएचसी जमालपुर में जांच की। सीएचसी जमालपुर पहुंची सीएम फ्लाइंग को कर्मचारी अलग-अलग समय आते मिले। यहां कोई दस तो कोई 11 बजे कर्मचारी आया। जो कर्मचारी लेट आए, उनमें लेखाकार मुकेश कुमार, नर्सिंग ऑफिसर मंजू, फार्मासिस्ट कविता और स्टॉफ नर्स अंजू शामिल रही। इन सभी को एसएमओ सुमन की तरफ से नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
सीएम फ्लाइंग से आए सहदेव ने बताया कि सीएचसी जमालनुर में कर्मचारियों के लेट आने की शिकायत मिल रही थी, इस कारण आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसको ध्यान में रखते हुए जांच की गई और आगामी कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं सीएम फ्लाइंग रोहतक के उप निरीक्षक रामनिवास व गुप्तचर इकाई झज्जर की संयुक्त टीम की ओर से जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय झज्जर की जांच की गई। यहां जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सुभाष भारद्वाज अपने कार्यालय में हाजिर मिले। इनकी हाजिरी में जिला मौलिक शिक्षा कार्यालय के कर्मचारियों की हाजिरी ली गई। इसमें कुल 17 कर्मचारी स्थाई, 4 कर्मचारी अस्थाई पाए गए। कार्यालय में बायोमैट्रिक से हाजिरी लगानी भी पाई गई है। हालांकि, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सीएम विंडो की 7 शिकायतें लंबित पाई गई हैं।
इन बिंदुओं पर भी की जांच
मौलिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की एसीपी रिकार्ड को चैक किया गया, इसमें जेबीटी का एक केस व अध्यापकों के 6 केस व सीएंडवी (अध्यापक) के 3 एसीपी केस प्रक्रिया में मिले। टीम ने कर्मचारियों के मेडिकल बिलों को चैक किया। सभी बिलों का निपटारा किया जा चुका था। खेलों का सामान खरीदने के लिए वर्ष 2023-2024 के बजट में कुल 90909 रुपये की राशि प्राप्त हुई है, इसको बताया गया कि इसका अतिशीघ्र वितरण किया जाएगा।
टीम को बताया गया कि मुख्यमंत्री हरियाणा की घोषणा विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना के अंतर्गत प्रत्येक जिला के एक ब्लॉक के लिए निर्धारित किया गया है, इसमें झज्जर के मातनहेल ब्लॉक को चुना गया है। इसके लिए बीईओ कार्यालय मातनहेल द्वारा उपरोक्त योजना के लिए कुल 24 स्कूलों के लिए 2205800 रुपये की मांग भेजी गई है। सरकार ने इसके लिए 25 लाख रुपये की ग्रांट मंजूर की थी, इसको निदेशक सेकेंडरी शिक्षा हरियाणा पंचकुला की चार मार्च की वीसी के अनुसार विभाग को सरेंडर करने के आदेश किए हुए हैं। विभाग द्वारा दोबारा से यह राशि संबंधित जिले को आवंटित की जाएगी। कार्यालय में मिड डे मिल योजना के अंर्तगत आने वाले 1 से 5 कक्षा तक के कुल 292 स्कूल और प्रत्येक बच्चे का प्रतिदिन का 5 रुपये 45 पैसे और कक्षा 6-8 तक के कुल 228 स्कूल और प्रत्येक बच्चे का प्रतिदिन का 8 रुपये 17 पैसे के हिसाब से प्रधानमंत्री पोषण योजना के अनुसार फंड जारी किया जाने से संबंधित रिकॉर्ड प्राप्त किया गया।