झज्जर। कोर्ट के आदेश पर रविवार को राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (नीट) दोबारा आयोजित की गई। शहर के केंद्रीय विद्यालय और पुलिस लाइन स्थित डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। दोनों जगहों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा के आयोजन को लेकर प्रशासन के कड़े इंतजाम किए थे। परीक्षा देकर आए अधिकतर विद्यार्थियों के चेहरे खिले हुए नजर आए।
विद्यार्थियों का कहना था कि पिछली बार की अपेक्षा पेपर सरल था। परीक्षा केंद्र पर इस बार व्यवस्थाएं भी बेहतर थी। दोनों केंद्रों पर सभी प्रकार की औपचारिकताएं समय रहते पूरी कर ली गई। हालांकि, अभिभावकों को इस बात की चिंता थी कि अभी 8 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना है। 1563 बच्चों के साथ कोई भेदभाव न हो, इसका ध्यान रखा गया। बच्चे काफी मुश्किल से तनाव से बाहर निकलकर दोबारा परीक्षा दे रहे हैं।
अच्छा हुआ पेपर
पेपर अच्छा हुआ है। फिजिकस कुछ मुश्किल था। पिछली बार परीक्षा देने में ज्यादा परेशानी हुई थी। इस बार पेपर अच्छी तरह से पूरा हुआ है। पहले 20 से 30 ग्रेस मार्क्स मिले थे। उनको ग्रेस मार्क्स की बजाय समय मिलना चाहिए था। उम्मीद है कि अच्छा परिणाम आएगा। सुनने में आ रहा है कि तीसरी बार भी परीक्षा हो सकती है। यदि होगी तो भी देने को तैयार हैं।
- छात्र जतिन
पिछली बार से बेहतर रही व्यवस्था
इस बार व्यवस्था ठीक थी। पिछली बार दो पेपर दिए गए थे। इस कारण समय बर्बाद हुआ था। इस बार पेपर आसान था, लेकिन 10-12 दिन ही तैयारी को मिले। पिछली बार परीक्षा का जो परिणाम आया था, उसमें ग्रेस मार्क्स नहीं मिले थे। यदि ग्रेस मार्क्स दिए गए तो सभी को दिए जाने चाहिए थे। किसी-किसी बच्चे को ग्रेस मार्क्स मिले थे। आंसर की चेक की थी और उतने ही मार्क्स मिले थे, जितने की उम्मीद थी।
- छात्र उदित
अच्छा परिणाम आएगा
आज की परीक्षा अच्छी हुई है। पिछली बार दो पेपर देने के कारण समय बर्बाद हुआ था। इस बार परिणाम सकारात्मक और बिना किसी एरर के आएगा। उसका पिछला पेपर हरदयाल स्कूल में था। वहां दो पेपर देने के चलते गड़बड़ हो गई थी। इस बार ऐसा नहीं हुआ। अच्छा पेपर हुआ है। परिणाम पहले से अच्छा आएगा।
- छात्रा अपराजिता
डीसी ने किया दौरा, एसडीएम व एसीपी ने संभाली कमान
दोनों केंद्रों के बाहर और अंदर पुलिस बल तैनात किया गया था। डीसी शक्ति सिंह ने सुबह केंद्रों का दौरा किया। एसडीएम और एसीपी रेंक के अधिकारी परीक्षा के लिए व्यवस्था पर नजर रखे हुए थे। परीक्षा दोपहर दो बजे शुरू हुई और शाम 5 बजकर 20 मिनट पर समाप्त हुई। परीक्षा देकर आने वाले विद्यार्थी काफी खुश नजर आए।
494 में से 287 ने दी परीक्षा, 207 ने नहीं दी परीक्षा
शहर में दो केंद्र बनाए गए थे। इसमें 494 ने परीक्षा देनी थी। इसमें से 287 ने परीक्षा दी जबकि 207 ने परीक्षा नहीं दी। केंद्रीय विद्यालय में 182 और डीएवी स्कूल 312 परीक्षार्थियों की परीक्षा थी। केंद्रीय विद्यालय में 182 में से 109 बच्चों ने परीक्षा दी और 73 बच्चे अनुपस्थित रहे। इसी प्रकार डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल में 312 में से 178 बच्चों ने परीक्षा दी और 178 ने परीक्षा नहीं दी।
धारा 144 थी लागू
जिला मुख्यालय पर रविवार को दो परीक्षा केंद्रों पर आयोजित एनईईटी (राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा) शांतिपूर्वक रूप से संपन्न हुई। परीक्षा को लेकर डीसी शक्ति सिंह ने स्थिति का जायजा लेते हुए परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का बारीकी से मूल्यांकन भी किया। परीक्षा केंद्रों के बाहर 200 मीटर की परिधि में किसी प्रकार का बाहय हस्तक्षेप ना हो, इसके लिए धारा 144 लागू की गई थी।
12 बजे आने शुरू हो गए थे परीक्षार्थी
दोपहर 12 बजे से ही परीक्षार्थी केंद्रों पर आना शुरू हो गए थे। परीक्षा केंद्रों के अंदर व बाहर पुलिस बल तैनात किया गया था। डीएवी पुलिस पब्लिक स्कूल में एंट्री से काफी आगे ही पुलिस ने नाका लगाया हुआ था। नाके से आगे केवल परीक्षार्थियों को जाने दिया गया। आवेदकों के साथ आए परिजनों को वहीं रोक दिया गया। केंद्रीय विद्यालय में भी गेट के अंदर केवल परीक्षार्थियों को जाने दिया गया। अंदर जाने के बाद मेटल डिटेक्टर से परीक्षार्थियों की जांच हुई। परीक्षार्थियों की कपडे़, जूते, चप्पल तक की भी जांच की गई। उसके बाद ही उनको अंदर जाने दिया गया। शाम 5 बजकर 20 मिनट पर परीक्षा समाप्त हुई। तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली।
हाथों से कलेवा और कानों से बालियां तक उतरवाई
परीक्षा को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। लड़कियों की जांच के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी। परीक्षा केंद्र में कड़ा, कानों की बालियां पहनकर आई लड़कियों से यह उतरवा लिए गए। इसके अलावा हाथों पर बंधे हुए कलेवा को भी कैंची से काटकर उतरवाया गया। इसके अलावा बालों से रबड़ उतरवाकर चेक किया गया। साथ ही जूते, चप्पल को भी चेक कर अंदर जाने दिया गया।
अभिभावक करते रहे चर्चा
परीक्षा को लेकर परीक्षार्थियों के साथ उनके अभिभावक भी आए हुए थे। केंद्रीय विद्यालय के परीक्षार्थियों के अभिभावक नेहरू कॉलेज और डीएवी स्कूल के परीक्षार्थियों के अभिभावकों को पुलिस लाइन ग्राउंड में बैठाया गया था। उनके लिए पानी की व्यवस्था भी प्रशासन ने की थी। परीक्षा शुरू होने से लेकर खत्म होने तक अभिभावकों के बीच परीक्षा ही चर्चा का विषय बनी रही। कई अभिभावकों का कहना था कि परीक्षा दोबारा नहीं होनी चाहिए थी तो कुछ का कहना था कि परीक्षा दोबारा लेकर सही किया गया है। अभिभावकों का कहना था कि जिन्होंने परीक्षा को लेकर लापरवाही बरती है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो।
वर्जन
कोर्ट के आदेशानुसार रविवार को एनईईटी की पुन: परीक्षा का आयोजन किया गया है। जिला मुख्यालय पर एनटीए द्वारा लगभग 494 परीक्षार्थियों के लिए दो परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, इन पर विद्यार्थियों ने सुचारू रूप से परीक्षा में भाग लिया। उन्होंने खुद केंद्र संचालकों से परीक्षा केंद्र में बिजली-पानी आदि की विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध कराई गई और जरूरी सुविधाओं की जानकारी ली।
शक्ति सिंह, डीसी, झज्जर
वर्जन
प्रशासन द्वारा परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों के बाहर किसी प्रकार का बाहरी हस्तक्षेप ना हो, इसके लिए शांतिपूर्ण व पारदर्शी तरीके से परीक्षा संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की गई थी। इसके अलावा जिला पुलिस द्वारा भी परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं की गई थी।
- रविंद्र मलिक, एसडीएम, बेरी