झज्जर। झज्जर शहर व आसपास के क्षेत्र में रविवार को दिन भर बादलवाही छाई रही। दिन में कई बार धूप भी निकली, लेकिन बादलवाही का असर ज्यादा रहा। अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्र मोहन ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मानसून की तारतम्यता और सक्रियता में एक लय देखने को नहीं मिल रही है। अभी भी खंड बरसात की स्थिति बनी हुई है। अगर उत्तर के हिस्सों में बारिश होती है तो दक्षिणी में बारिश नदारद है। इसी प्रकार पश्चिमी हिस्सों में बारिश होती है तो पूर्वी हिस्सों से बारिश नदारद है। 28 जून से हरियाणा एनसीआर दिल्ली में मानसून की धमाकेदार एंट्री हुई और हरियाणा के दक्षिणी हिस्सों में लगातार मानसून गतिविधियां देखने को मिल रही है। मानसून गतिविधियों में मानसून टर्फ रेखा का विशेष महत्व और योगदान होता जोकि अभी हरियाणा एनसीआर दिल्ली के दक्षिण में स्थित है। रविवार को समुद्र तल पर मानसून टर्फ अपनी सामान्य स्थिति से थोड़ा दक्षिण की ओर से होते हुए जैसलमेर से सीकर, उरई, चुर्क, डाल्टनगंज, पुरूलिया एवं कोंटाई होते हुए उत्तर‐पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। जैसे ही मानसून टर्फ हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली पर आएंगी वैसे इलाके में मानसून गतिविधियां देखने को मिलेंगी। पश्चिमी विक्षोभ का असर 8 जुलाई सोमवार तक हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली में विशेषकर हरियाणा के पश्चिमी दक्षिणी जिलों और उत्तरी हिस्सों पर ही देखने को मिलेगा। अगर मानसून टर्फ रेखा हरियाणा एनसीआर दिल्ली के दक्षिण में राजस्थान पर बनीं रहीं तो हरियाणा एनसीआर दिल्ली में बीच-बीच में आंशिक बादलवाही और केवल छिटपुट बूंदा-बांदी बारिश की गतिविधियां ही देखने को मिलेगी। इसके अलावा एक और नया पश्चिमी विक्षोभ 12 जुलाई को सक्रिय होने से 12-15 जुलाई के दौरान एक बार फिर से मानसून में सक्रियता की संभावना बन रही है। सोमवार को भी हरियाणा, एनसीआर, दिल्ली में पश्चिमी विक्षोभ और मानसून द्वारा हल्की बारिश बूंदाबांदी की गतिविधियां देखने को मिलेगी।