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रोहतक का उपमंडल था झज्जर, अब एम्स और इंडस्ट्री है पहचान

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संयुक्त पंजाब के समय रोहतक जिले का उपमंडल होता था झज्जर। हरियाणा गठन के बाद हालात धीरे-धीरे बदलते गए और 1997 में झज्जर जिले के तौर पर अस्तित्व में आया। सियासी तौर पर झज्जर संयुक्त पंजाब में भी मजबूत था। झज्जर के दोनों विधायक शेर सिंह व चौधरी चांदराम को मंत्री बनने का अवसर मिला था। वहीं पहली बार ऐसा होगा कि झज्जर जिले का कोई विधायक मंत्री पद से वंचित रहेगा। लेकिन हरियाणा गठन के समय मुख्य जरूरतों शिक्षा व चिकित्सा के पुख्ता प्रबंध नहीं होते थे। शिक्षा के नाम पर झज्जर शहर में सीनियर सेकेंडरी स्कूल व नेहरू कॉलेज ही हुआ करते था। इसमें केवल यूजी कक्षाएं ही लगती थी। उच्च शिक्षा के लिए लोगों को रोहतक का रुख करना पड़ता था।
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तब था केवल पीएचसी, अब है एम्स
हरियाणा गठन के इन 54 वर्षों में झज्जर ने स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ी तरक्की की है। पहले यहां पर केवल एक पीएचसी होता था। एक्सरे के लिए भी रोहतक जाना पड़ता था। वहीं अब यहां पर प्रदेश के एकमात्र एम्स के साथ-साथ कैंसर इंस्टीट्यूट भी स्थापित है। वहीं जिले के दोनों सामान्य अस्पताल में भी डायलिसिस तक की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
बसों के लिए करना पड़ता था इंतजार, अब फर्राटा भर रही मेट्रो
परिवहन के साधनों में काफी बदलाव सामने आया है। तब बस के लिए भी घंटों इंतजार करना पड़ता था लेकिन वर्तमान में झज्जर जिले में मेट्रो, ट्रेन व बसों का काफी बढ़िया यातायात का साधन है। वहीं तब सभी जगह केवल सिंगल सड़क होती थी। अब जिले से केएमपी व केजीपी जैसे एक्सप्रेस वे गुजर रहे हैं। जिले को दूसरे जिलों से जोड़ने वाली सड़कें अब हाईवे का रूप ले चुकी हैं।
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नामी कंपनियां अब लगा चुकी प्लांट
रोजगार की दृष्टि से संयुक्त पंजाब के समय झज्जर में कोई खास अवसर नहीं था। अब तो जिले के बहादुरगढ़ में बड़ा इंडस्ट्रियल एरिया विकसित हो चुका है। वहीं झज्जर के दादरी तोए में भी रिलांयस एसईजेड खड़ा हो चुका है। जहां पर पैनासोनिक, डैंसो व फ्लिपकार्ट जैसी नामी कंपनियां अपना प्लांट लगा चुकी हैं।
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