बहादुरगढ़। प्रदूषण के कारण शहरवासियों का सांस लेना मुश्किल हो रहा है। वीरवार को सुबह से शाम तक लोगों को स्मॉग का सामना करना पड़ा। पूरा क्षेत्र स्मॉग की चादर में लिपटा रहा। इससे लोगों को आंखों में जलन महसूस हुई। सुबह के समय स्मॉग की वजह से दृश्यता 50 मीटर ही रही। दोपहर के समय हल्की धूप निकली। मौसम विभाग के अधिकारियों के अनुसार स्मॉग से जल्द ही राहत की उम्मीद नहीं है। यदि हवा चलती है तो एक्यूआई कम होगा और स्मॉग भी छंट जाएगा। वीरवार को बहादुरगढ़ में एक्यूआई ऑरेंज जोन में 283 दर्ज किया गया। यह स्तर गंभीर है।
प्रदूषण के कारण लोगों को आंखों में जलन और सांस लेने में तकलीफ महसूस हो रही है। दोपहर 12 बजे तक सूर्य देव भी स्मॉग के कारण आसमान में नजर नहीं आए। चिकित्सकों के अनुसार यह एक्यूआई डायबिटीज, अस्थमा व त्वचा रोगियों के लिए बेहद खतरनाक है। हरियाणा राज्य प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी इसका प्रमुख कारण कमजोर हवा मान रहे हैं। बहादुरगढ़ के एक्यूआई पर नजर डालें तो वीरवार को पीएम 2.5 का उच्चतम स्तर सायं 4 बजकर 5 मिनट पर 336 दर्ज किया गया। न्यूनतम 113 और औसतम 284 पर रही। यह गंभीर स्तर है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि प्रदूषण का स्तर तभी कम हो सकता है, जब तेज हवाएं चलें। वेस्टर्न डिस्टरबेंस आएं या फिर हल्की बारिश हो। फिलहाल इन तीनों में कोई भी स्थिति नहीं बन रही है। ऐसे में प्रदूषण का स्तर इसी तरह का बना रहेगा।
व्यस्क लोग कैसे करें बचाव
-मास्क पहने बिना ऑफिस या फील्ड पर न जाएं।
-कार में एयर प्यूरिफायर लगाएं।
-पानी ज्यादा से ज्यादा पीएं और खाने में प्रोटीन शामिल करें।
वरिष्ठ नागरिक कैसे रखें अपना ख्याल
-कमरे में एयर प्यूरिफायर लगवाएं।
-कम से कम घर से निकलें।
-खांसी चार-पांच दिन टिके तो डॉक्टर को दिखाएं।
-बीमार लोगों से दूरी बनाकर रहें।
न करें ये गलतियां
-कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
-मास्क लगाकर बिल्कुल एक्सरसाइज न करें, यहां तक कि ब्रिस्क वॉक भी नहीं। हार्ट अटैक का खतरा रहता है।
-कई लोग खांसी-जुकाम शुरू होते ही एंटीबॉयोटिक और स्टीम का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका उनकी सेहत पर बुरा असर भी हो रहा है। बिना डॉक्टर सलाह के ऐसा न करें।