18jjrp13- बाल विवाह मुक्त रथ के पहुंचने पर शपथ लेती महिलाएं। स्रोत-संस्था
झज्जर। बाल विवाह एक लड़की के सपनों को चकनाचूर कर देता है। जिस लड़की का भी बाल विवाह होता है वह शारीरिक रूप से भी विकास नहीं कर पाती। यह बात राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय डावला की प्रधानाचार्य छोटी देवी ने कही।
वह बाल विवाह मुक्ति रथ के बुधवार विद्यालय पहुंचने पर बोल रही थी। रथ 21वें दिन रईया, डावला, हसनपुर, कासनी, सुहाना, छप्पार और खुड्डन गांव में पहुंचा। यहां एमडीडी ऑफ इंडिया के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर सुरिंदर सिंह मान ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 से लोगों को अवगत करवाना है।
हसनपुर सरपंच बलवान ने कहा कि लड़कियों को अपने तरीके से जीवन जीने के लिए जरूरी है कि मजबूती से बाल विवाह नामक बुराई के खिलाफ लड़ाई लड़ी जाए। उन्होंने कहा कि हमारे स्कूल के विद्यार्थी भी बाल विवाह मुक्त भारत बनाने को अपने अपने स्तर पर जागरूकता फैलाएंगे ताकि जल्दी ही हमारा झज्जर जिला बाल विवाह मुक्त जिला बन जाए।
रईया सरपंच मुकेश देवी ने कहा कि बेटियों को उनके सभी अधिकार मिले यह सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। इसके लिए वह अपने स्तर पर प्रयास करेंगे तभी बाल विवाह पर करारी चोट की जा सकेगी। इस अवसर पर सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता पूनम शामिल रही।