संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। बाल विवाह मुक्ति रथ यात्रा साल्हावास, ढाना, जमालपुर, बिठला, भूरावास, मूंदसा गांव पहुंची। इसका उद्देश्य किशोर-किशोरियों के सपने पूरे हों और उनका बाल विवाह न हो है। इसके तहत लोगों को बाल विवाह निषेध अधिनियम के विषय में बताया गया। क्योंकि बाल विवाह गंभीर समस्या हैं जिसके चलते बच्चों से उनका बचपन छीन जाता है।
सरपंच बिठला नीतू रानी ने कहा कि गांव में काफी सारे गरीब परिवार हैं। इसके चलते वह अपनी लड़कियों की 18 साल से पहले शादी के बारे में सोचते हैं। वह भूल जाते हैं कि जल्द शादी करने के चलते वह अपनी लड़कियों के सपनों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। नीतू रानी ने कहा कि ऐसे में सरपंच के रूप उनकी भी जिम्मेदारी बनती है कि वह लोगों को बाल विवाह के खात्मे के लिए जागरूक करें।
सुनील देवी सरपंच भूरावास ने कहा कि बाल विवाह को लेकर ज्यादा से ज्यादा जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने की जरूरत है तभी इस समस्या से निजात मिलेगी। बलवान ने कहा बाल विवाह को मिटाने के लिए हम सभी को एकजुटता के साथ चलना होगा और ज्यादा से ज्यादा जागरूकता अभियान चलाने होंगे तभी यह बुराई खत्म होगी।
एमडीडी आफ इंडिया से सामुदायिक सामाजिक कार्यकर्ता संदीप ने कहा कि संस्था लगभग तीन साल से बाल विवाह मुक्त भारत बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। गांव-गांव में जाकर कार्यकर्ता लोगों में बाल विवाह को लेकर जागरूकता ला रहे हैं।