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सांसद के गोद लिए गांव में सुविधाओं का टोटा

Sun, 07 Aug 2016 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर / बहादुरगढ़
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Chhuchhakvas - फोटो : Bureau
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 न बिजली, न पानी यह है सांसद के गोद लिए गांव की कहानी। जी हां सांसद आदर्श गांव योजना के तहत सांसद दीपेन्द्र हुड्डा द्वारा गोद लिए छुछकवास गांव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। गांव में जहां पानी की निकासी नहीं है, वहीं सड़कें टूटी हैं। गांव के जोहड़ और तालाब गंदगी से अटे पड़े हैं और बिजली के तार भी जर्जर अवस्था में हैं। बात करें गांव की बरसों पुरानी बाईपास की मांग तो वह मांग भी ग्रामीणों की अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। आलम यह है कि गांव के मेन चौराहे पर जाम की समस्या बनी रहती है। जिसके चलते ग्रामीण परेशान हैं। गांव में न तो समय पर बिजली आती है और न ही पानी। जिसके चलते ग्रामीणों को समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। गांव के सरपंच डीसी से लेकर सांसद तक गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। जिसके चलते ग्रामीणों में रोष भी बना हुआ है।
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क्या कहते हैं ग्रामीण
ग्रामीण सतबीर का कहना है कि सांसद द्वारा गोद लिया हुआ गांव केवल कागजों तक ही सीमित है। गांव में कोई विकास नहीं हुआ है। जैसे पहले स्थिति थी अब उससे भी ज्यादा खराब हो गई है। जिसके चलते परेशानी हो रही है।
आजाद सिंह का कहना है कि गांव में सांसद एक या दो बार तो आएं, लेकिन गांव में कोई विकास कार्य नहीं करवाया। उन्होंने बताया कि गांव की सड़के टूटी हुई हैं और पानी की निकासी नहीं है। गांव में पीने के पानी की समस्या का भी समाधान नहीं हो पाया है।
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ग्रामीण मनोज ने बताया कि गांव में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। बिजली के तार जर्जर हैं। बिजली का न तो आने का समय है और न ही जाने का। गांव में समस्याएं ही समस्याएं हैं, लेकिन कोई सुध लेने वाला नहीं है। ग्रामीण रमेश ने बताया कि गांव की सबसे मेन समस्या गंदे पानी की निकासी की है। सभी जोहड़ व तालाब गंदगी से अटे पड़े हैं। कोई सुध लेने वाला नहीं है। गांव में पीने के पानी की समस्या भी है। उन्होंने बताया गांव की सड़कें भी टूटी हुई हैं।


गांव में कोई भी विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। गांव में विकास करवाने को लेकर पंचायत द्वारा प्रस्ताव भी पास किया गया है। कई बार सांसद दीपेन्द्र हुड्डा और डीसी से मुलाकात भी की है, लेकिन किसी भी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। यहां तक कि गांव के जोहड़ों की भी सफाई नहीं करवाई गई है।
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-महेन्द्र, सरपंच गांव छुछकवास।
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