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आखिर 112 साल बाद मिल ही गए छिल्लर-छिकारा के दिल

Mon, 16 Nov 2015 01:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला बहादुरगढ़
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एक सदी से भी ज्यादा वक्त पहले एक दूसरे से नाराज चल रहे छिल्लर और छिकारा गोत्र के लोग आखिर रविवार को गले मिले। दोनों की नाराजगी दूर हो गई और बहाना बना गांव बामनोली में स्वर्गीय चौ. हरफूल सिंह छिल्लर का का कारज समारोह। इस मौके पर दोनों गोत्रों की ओर से हरफूल सिंह के बड़े पुत्र को संयुक्त रूप से पगड़ी बांधी गई।
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पगड़ी की रस्म पूरी हुई तो खुशी में लोगों के गले रूंध आए। इलाके के निवासी छिल्लर और छिकारा गोत्र के लोगों में करीब 112 साल पहले एक व्यक्ति के वारिस को पगड़ी बांधने को लेकर विवाद हो गया था। तभी से दोनों गोत्रों के ऐसे आयोजन संयुक्त रूप से होने बंद हो गए थे।

इस विवाद को खत्म करने के लिए एकाध बार प्रयास भी हुए। लेकिन कवायद सिरे नहीं चढ़ पाई। हाल ही में गांव बामनोली निवासी बुजुर्ग चौ. हरफूल सिंह का निधन हो गया। उनके बेटों धर्मबीर पहलवान और महताब सिंह ने अपने पिता की याद में कारज करने की इच्छा जताई। लेकिन छिल्लरों के आयोजन में छिकारा गोत्र की भी पूर भागीदारी न होती तो भाईचारे का यह आयोजन सफल नहीं माना जाता।
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पंचायत ने लिया फैसला
कारज को सफल बनाने के उद्देश्य से पहले धर्मबीर व महताब के निवेदन पर छिल्लर की पंचायत हुई। धर्मबीर छिल्लर ने बताया कि अपनी ओर से कारज करने की सहमति देकर छिल्लर गोत्र की पंचायत ने छिकारा गोत्र से निवेदन किया। पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष सतीश छिकारा ने बताया कि फिर छिकारा गोत्र के लोगों ने विमर्श कर दोनों गोत्रों की संयुक्त पंचायत बुलाई।

पंचायत में 100 साल पुराने मतभेद दूर करने का फैसला लिया गया। गांव कानोन्दा निवासी चौ. शिवनारायण छिकारा ने बताया कि 7 नवंबर को हुई संयुक्त पंचायत ने भी कारज करने पर सहमति दे दी और तय हुआ कि कारज में चौ. हरफूल सिंह के बड़े पुत्र को दोनों गोत्रों की ओर से संयुक्त रूप से पगड़ी बांधी जाएगी।

प्रधानों ने बांधी पगड़ी
रविवार 15 नवंबर को स्वर्गीय हरफूल सिंह का याद में कारज का आयोजन हुआ। समारोह में इलाके के निजामपुर, बामनोली, गढ़ी व बराही और छिकारा गौत्र के खैरपुर, कानोन्दा, कुलासी, मुकुंदपुर, दिल्ली के जोन्ती व टटेसर की पंचायतों समेत हजारों लोग उपस्थित हुए।

उत्तर प्रदेश व राजस्थान से भी सैकड़ों लोग कार्यक्रम में पहुंचे। शाम करीब 4 बजे सरदारों की मौजूदगी में छिकारा के प्रधान चौ. गुलाब सिंह नंबरदार और छिल्लर की ओर से प्रधान बस्तीराम पहलवान ने स्व. हरफूल सिंह के बड़े पुत्र महताब सिंह को पगड़ी बांधी। पगड़ी की रस्म पूरी होते ही छिल्लर-छिकारा के प्रमुख लोग गले मिले।

शिवनारायण व सतीश छिकारा और गुलाब सिंह व धर्मबीर नेे कहा कि ये ऐतिहासिक पल थे, जब एक स्व. बुजुर्ग के सम्मान के बहाने दोनों गोत्रों में 112 साल पुराने मतभेद दूर हो गए। महरोली-360 के प्रधान चौ.गोवर्धन सिंह, दलाल-84 के प्रधान चौ.भूप सिंह व दुल्हेड़ा-12 के प्रधान उमेद सिंह देशवाल ने छिल्लर-छिकारा के मिलन पर खुशी जताई।
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