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परिवार में 30 साल बाद बेटी के जन्म पर मनाई खुशियां

Tue, 16 Jun 2015 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर
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‘लोग पता नहीं क्यों गर्भ में ही बेटी को मार देते हैं। हमारे घर तो बेटी के जन्म पर त्यौहार जैसा माहौल बना हुआ है। सब बहुत खुश हैं और एक-दूसरे को बधाई दे रहे हैं।’
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यह कहना है गांव सासरौली निवासी बबीता का। बबीता आंगनबाड़ी में हेल्पर का काम करती है। बबीता के परिवार में 30 साल बाद बेटी के जन्म पर बबीता ने कुंआ पूजन किया और परिवार की महिलाओं ने मंगल गीत गाए।

इतना ही नहीं कुंआ पूजन में साथ गई महिलाओं को भी बबीता ने कन्या भ्रूण हत्या नहीं करने की शपथ दिलाई।

सासरौली निवासी नसीब की पत्नी बबीता आंगनबाड़ी मे हेल्पर का काम करती है। बबीता ने 20 मई को बेटी को जन्म दिया था। नसीब ने बताया कि बेटी पैदा होने के बाद से पूरा परिवार बहुत ही खुश है।
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उन्होंने कहा कि उनके परिवार में 30 साल बाद बेटी का जन्म हुआ है। जब बबीता गर्भवती थी तो परिवार का प्रत्येक सदस्य यही चाहता था कि बबीता बेटी को जन्म दे।

बबीता ने कहा कि उसका पति मजदूरी करता है और वह आंगनबाड़ी में हेल्पर है। उनकी आमदनी भले ही ज्यादा न हो, मगर वे जी तोड़ मेहनत कर अपनी बेटी को पढ़ाएंगे तथा उसे इस काबिल बनाएंगे कि वो उनका नाम रोशन कर सके। बेटी के जन्म पर दादी राजो देवी ने भी खुशी जताई है।
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