कन्या भ्रूणहत्या पर पूर्ण रूप से रोक लगाने व पीएनडीटी एक्ट का सख्ती से पालन करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। इस सिलसिले में सभी अस्पतालों व अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच शुरू कर दी।
विभाग के वरिष्ठ चिकित्सकों के नेतृत्व में रिकॉर्ड को खंगालने के लिए 10 टीमों का गठन किया गया है। छापेमारी भी की जा रही है।
इसी कड़ी के तहत जिला स्वास्थ्य विभाग से तीन वरिष्ठ चिकित्सकों की एक टीम ने शहर के दो निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया। टीम में शामिल सामान्य अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक रणबीर खासा, डॉक्टर मधुर सेठी व झज्जर से एसएमओ कश्मीर दलाल ने विद्या केयर सेंटर व दिल्ली अस्पताल में जांच पड़ताल की।
टीम ने दोनों जगहों पर अल्ट्रासाउंड मशीनों का रिकॉर्ड खंगाला। साथ में गर्भवती महिलाओं की जांच से संबंधित जानकारी भी एकत्रित की। यही नहीं उन्होंने अस्पतालों में आने वाले मरीजों को लेकर भी विवरण जुटाया।
डॉ. रणबीर खासा ने बताया कि समय-समय पर विभाग की ओर से इस तरह का अभियान चलाया जाता है। यदि कोई क्लीनिक व अस्पताल संचालक पीएनडीटी को लेकर कोई खामियां बरतता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि जांच पड़ताल के दौरान दोनों जगहों पर रिकॉर्ड को लेकर गहन जांच की जा रही है। दिल्ली अस्पताल में जांच पड़ताल के दौरान अस्पताल के मुख्य प्रशासक एसपी सिंह समेत अल्ट्रासाउंड सेंटर के भी मौजूद रहे।
बेटी बचाओ को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। अल्ट्रासाउंड सेंटरों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं की जांच के दौरान किसी तरह की कोई अनियमितताएं तो नहीं बरती जा रही है इसको लेकर विभाग के गुप्तचर व अन्य लोगों की मदद भी ली जा रही है।
यही अवैध रूप से चल रहे गर्भपात केंद्रों को लेकर भी सख्ती बढ़ाई गई है। यदि कोई सेंटर विभाग की ओर से अनाधिकृत मिला तो उनके संचालकों व यहां कार्य करने वाले स्टाफ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की जाएगी।