मंगलवार को हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र में दवाओं की कई दुकानों और झोलाछाप डॉक्टरों के ठिकानों पर कार्रवाई की। टीम ने कई दुकानों और इलाज करने वालों की दुकानों पर ताले जड़ दिए।
स्वास्थ्य विभाग को ग्रामीण क्षेत्र में कुछ दिन से एक्सपायर और प्रतिबंधित दवाएं बिकने की शिकायतें मिल रही थी। इस पर विभाग की टीम ने लुकसर, माजरी, गुभाना और बादली सहित कई दवा विक्रेताओं की दुकानों पर छापे मारकर दवाइयों की जांच की।
टीम ने दो मेडिकल स्टोर्स को प्रतिबंधित और एक्सपायर दवाइयां बेचने के आरोप में बंद कर दिया। गुभाना गांव में एक स्टोर पर जहां एक्सपायर दवाइयों का जखीरा पकड़ा, वहीं दूसरे विक्रेता के पास दवाई बेचने का लाइसेंस ही नहीं मिला। यहां बिना लाइसेंस के ही दवाइयां बेची जा रही थीं।
बाद में अधिकारियों की टीम गांव के अंदर छोलाछाप डॉक्टरों के ठिकानों पर पहुंची। यहां दो झोलाछाप डॉक्टरों के पास बिना बिल की दवाइयां, प्रतिबंधित दवाइयां और एक्सपायर दवाएं मिलीं।
गांव में एक कथित डॉक्टर बिहार से बने सर्टिफिकेट के सहारे क्लीनिक चला रहा था। जिस पर एसएमओ संगीता ने उसे बिहार में ही दुकान चलाने की नसीहत देते हुए उसकी दुकान पर ताला जड़ दिया।
हालांकि दुकान के अंदर से बिना बिल की दवाइयां और प्रतिबंधित दवाइयां भी मिलीं। स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी के चलते कई झोलाछाप डॉक्टर अपनी दुकानें बंद कर रफूचक्कर हो गए। टीम ने इनके खुलने का इंतजार भी किया, लेकिन दुकानें नहीं खुलीं।
दरअसल सुबह एसएमओ संगीता खुराना, एलएमओ सरिता गौरी पूरी टीम के साथ गांव में पहुंची। उनके साथ हेल्थ इंस्पेक्टर जगमाल सिंह, एमपीएचडब्ल्यू दीवान और सुरेंद्र भी थे।
एसएमओ संगीता खुराना ने बताया कि क्षेत्र से बार-बार शिकायतें मिल रही है कि प्रतिबंधित दवाइयां बेची जा रही हैं और दुकानों में साफ-सफाई पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा।
इसी को लेकर विभिन्न दुकानों पर छापेमारी की गई है जिनमें दो मेडिकल स्टोर सहित चार कथित डॉक्टरों खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
यह बोलीं एसएमओ
ग्रामीणों को झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज नहीं कराना चाहिए। ये कथित चिकित्सक उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हुए उनकी जेबों पर भी डाका मार रहे हैं।
झोलाछाप डॉक्टर जहां गलत दवाइयां दे सकते हैं वहीं पुरानी दवाइयों से भी इलाज करते हैं। ऐसे कथित डाक्टरों से ग्रामीणों को दूरी बनानी चाहिए। -डॉ. संगीता खुराना, एसएमओ, बादली