बहादुरगढ़। मौसम बदलाव के साथ ही वायरल बुखार और जुकाम के मरीज बढ़ने लगे हैं। दो दिन पहले हुई बारिश के बाद खांसी-जुकाम के मरीज अस्पताल में पहुंच रहे हैं। इनमें न केवल व्यस्क शामिल हैं बल्कि छोटे बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। उमस के कारण पसीने से फंगल इंफेक्शन भी हो रहा है।
नागरिक अस्पताल के फिजिशयन डॉ. सुंदरम ने बताया कि मौसमी वायरस सक्रिय होने से वायरल के मरीज बढ़ने लगे हैं। इनको तेज बुखार आ रहा है। गले में दर्द, खराश, तेज खांसी, जुकाम परेशान कर रहा है। इससे खाने-पीने में दिक्कत हो रही है। वायरल बुखार के मरीज के संपर्क में आने पर 48 घंटे में दूसरा व्यक्ति भी इसकी चपेट में आ रहा है। ओपीडी में ऐसे कई मरीज आए हैं, जिनका घर में 3-5 सदस्यों को वायरल बुखार हो रहा है। उन्होंने बताया कि इसमें है इसमें अधिक तीव्रता वाली एंटीबायोटिक दवाओं की जरूरत नहीं है। समय पर दवाएं लेने से दो-तीन दिन में बुखार और 3-5 दिन में खांसी-जुकाम ठीक हो रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अहिभूषण ने बताया कि वायरल बुखार, डायरिया के पीड़ित भी अस्पताल में आ रहे हैं। तेज खांसी से बच्चा सो नहीं पा रहा है, जिससे वह चिढ़चिडा भी हो रहा है। गर्मी-मउस से बच्चों को उल्टी, चक्कर आने की परेशानी मिल रही है।
ये बरतें सावधानी
-ज्यादा ठंडा पानी न पीएं, रात में एसी का तापमान ज्यादा कम न रखें।
-जुकाम-खांसी और बुखार होने पर खुद को दो दिन क्वारंटीन कर लें।
-हाथों की साफ-सफाई रखें, पौष्टिक भोजन करें। पानी खूब पीएं।
-धूप में पूरी बाजू के कपड़े पहनकर जाएं, चेहरा ढक लें।
-साफ और धुले हुए कपड़े पहनें, शरीर को गीला न रखें।
-खुले औरदूषित जगह पर बिकने वाली सामग्री खाने से बचें।