बहादुरगढ़। ग्रैप लागू होने से पहले सीएक्यूएम ने 1 अक्टूबर रविवार से लागू हो रहे नियमों में बदलाव किया है। 31 दिसंबर तक डीजी सेट पर लगने वाले प्रतिबंध में थोड़ी राहत दी गई है लेकिन उद्यमी असमंजस की स्थिति में हैं। यह रोक फैक्ट्रियों में चलने वाले डीजी सेट पर नहीं है। फैक्ट्रियों में प्रयोग करने पर कार्रवाई संभव है।
उद्यमियों को डीजी सेट में डुअल तकनीकी से थोड़ी राहत देते हुए डीजी सेट चलाने की अनुमति तो मिली है, लेकिन यह राहत केवल एक श्रेणी में दी गई है। इसे 800 किलोवाट के डीजी सेट के लिए डुअल फ्यूल मोड़ का होना जरूरी है। इसके अलावा पंजीकृत वेंडर के माध्यम से इसके विकल्प की भी सुविधा दी गई है। 19 किलोवाट से 125 किलोवाट तक के डीजी सेट में अनिवार्य रूप से डुअल फ्यूल मोड़ होना जरूरी है। बीसीसीआई के प्रधान सुभाष जग्गा ने कहा कि उद्यमियों ने डीजी सेट में डुअल फ्यूल मोड़ की सुविधा के लिए संबंधित विभागों में आवेदन किया है, लेकिन किट मिलने में देरी हो रही है।
यहां चल सकेंगे डीजल जनरेटर
आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह डीजी सेट विभिन्न आवासीय एवं वाणिज्यिक इमारतों की लिफ्ट, एसकेलेटर, टै्रववलेटर, चिकित्सकीय सेवाओं, अस्पताल, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य देखभाल सुविधा, जीवन रक्षक चिकित्सा उपकरणों और दवाओं के निर्माण में शामिल इकाइयों, रेलवे सेवाओं, रेलवे ट्रेनों और स्टेशनों समेत मेट्रो रेल और एमटीआरएस सेवाओं, हवा अड्डा, गंदा पानी साफ करने के यंत्र, जल पंपिंग स्टेशन, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं, दूर संचार एवं आईटी डेटा सेवाओं और अन्य सूचीबद्ध आपतकालीन सुवाओं में डीजी सेट के इस्तेमाल पर की छूट होगी।