बहादुरगढ़। नगर परिषद में नालों की सफाई के टेंडर को लेकर चेयरपर्सन सरोज राठी ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वीरवार को नगर परिषद में आए जिला नगर आयुक्त(डीएमसी) जगनिवास के सामने चेयरपर्सन सरोज राठी ने कहा कि नाला सफाई के लिए टेंडर की शर्तों के अनुसार 40 कर्मचारियों की तैनाती होनी थी, लेकिन मौके पर 8 से 9 कर्मचारी ही काम कर रहे हैं। इस पर डीएमसी ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इतना ही नहीं बैठक के बाद चेयरपर्सन ने अधिशासी अभियंता को पत्र लिखकर कहा कि नगर परिषद ने नालों की सफाई का ठेका भी गणेशा एंटरप्राइजेज को दिया है, जबकि इसी एजेंसी के पास शहर की सफाई और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का ठेका भी है। निरीक्षण और आमजन से मिली शिकायतों के आधार पर पता चला कि दोनों अलग-अलग टेंडर होने के बावजूद एक ही कर्मचारी और एक ही जेसीबी, ट्रैक्टर व अन्य वाहन दोनों कार्यों में लगाए जा रहे हैं।
सफाई कर्मचारियों को नालों में लगाने से शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं और आम लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। चार दिन में ही 382 जगह कूड़े के ढेर मिलना इसी बात का प्रमाण है। चेयरपर्सन ने अधिशासी अभियंता को आदेश दिया है कि नाला सफाई में लगे सभी कर्मचारियों के नाम, आधार कार्ड, पता, ईएसआई, ईपीएफ, बैंक खाते का विवरण, प्रतिदिन सुबह-शाम की जीपीएस फोटो, वाहनों की संख्या, पंजीकरण नंबर और उनकी जीपीएस फोटो उपलब्ध कराई जाए।
4 जुलाई से अब तक टेंडर की शर्तों के अनुसार कम कर्मचारी और वाहन लगाए जाने पर ठेकेदार पर कितना जुर्माना लगाया गया, इसका पूरा रिकॉर्ड भी दो दिन के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। चेयरपर्सन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में सभी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उच्च अधिकारियों को लिखा जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।
वर्जन
नाला सफाई में शुक्रवार से हर जेई के पास एक-एक बुलडोजर और पर्याप्त कर्मचारी लगाए जाएंगे। इस कार्य में कोई भी कोताही नहीं बरती जाएगी।-भारत भूषण, अधिशासी अभियंता, नगर परिषद, बहादुरगढ़।