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केएमपी पर कार पलटी, आर्मी मेजर की पत्नी और बच्ची की मौत, मेजर घायल

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बादली। कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे पर कार पलटने से आर्मी मेजर की पत्नी व उनकी बेटी की मौत हो गई, जबकि मेजर घायल हो गए। अंबाला जिले का निवासी यह परिवार एक विवाह समारोह से लौट रहा था। हादसा बादली टोल प्लाजा के पास हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया।
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अंबाला जिले के गांव बदोली निवासी पंकज चौहान (31) अपनी पत्नी ललितेश (27) और 10 माह की बच्ची स्नेहा साथ भरतपुर (राजस्थान) से अपने साले के विवाह समारोह से लौट रहे थे। मंगलवार देर शाम बीच केएमपी एक्सप्रेसवे पर बादली के पास पहुंचे तो अचानक गाड़ी का टायर फटने से उनकी कार का संतुलन बिगड़ गया। संतुलन बिगड़ते ही कार रोड पर पलट गई। गाड़ी कई पलटी खाते हुए दूर जा गिरी। गाड़ी के अंदर ललितेश और बच्ची स्नेहा को गंभीर चोटें आई, जिससे मौके पर ही दोनों की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पंकज चौहान गाड़ी चलाते समय सीट बेल्ट लगाए हुए थे, जिससे वह बच गए। पंकज 2012 में सेना में भर्ती हुए थे। फिलहाल वह मेजर हैं और फिलहाल उनकी पोस्टिंग जम्मू कश्मीर में है।
हादसे में घायल मेजर पंकज चौहान को पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया। ललितेश और स्नेहा के शवों को गाड़ी से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए झज्जर के राजकीय अस्पताल भिजवाया गया। घटना की जानकारी परिजनों को दी गई। पंकज के पिता सुरेंद्रपाल चौहान अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने मां-बेटी के शवों का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस जांच अधिकारी जयपाल सिंह ने बताया कि चालक पंकज चौहान की शिकायत पर मामले में कार्रवाई की जा रही है।
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तीन साल पहले हुई थी शादी
मेजर पंकज चौहान के पिता सुरेंद्रपाल चौहान ने अस्पताल में पुत्रवधु ललितेश और पौत्री स्नेहा की दर्दनाक मौत पर विलाप करते हुए बताया कि तीन साल पहले ही पंकज की शादी राजस्थान के भरतपुर में की गई थी। पुत्रवधु ललितेश परिवार में सभी का भरपूर ध्यान रखने के साथ-साथ मिलनसार व्यवहार रखती थी, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। मासूम पौत्री स्नेहा को कलेजा का टुकड़ा बताते हुए दादा सुरेंद्रपाल की आंखों से आंसू नहीं रुके।
गाड़ी के परखच्चे उड़े
हादसा इतना खतरनाक था कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए। बताया गया है कि गाड़ी तीन बार पलटते हुए केएमपी की दूसरी साइड वाली ग्रिल से टकरा गई। इस दौरान गाड़ी पूरी से टूट गई। मां-बेटी के शवों को मुश्किल से बाहर निकाला जा सका। मेजर पंकज चौहान को गाड़ी की खिड़की तोड़कर बाहर निकाला गया। पंकज सीट बेल्ट लगाए हुए थे, जिससे उन्हें ज्यादा चोटें नहीं आ सकी।
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