बेरी। गांव बहराना के चार दोस्त शनिवार रात को करीब 12 बजे हरिद्वार में गंगा स्नान के लिए घर से निकले थे। जब उनकी कार रविवार की अल सुबह करीब 5 बजे नया बाईपास रुड़की के पास पहुंची तभी बेकाबू होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। घटना के दौरान चालक कार से बाहर गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। वहीं, हादसे में अन्य तीनों युवक भी घायल हो गए। हादसे के बाद युवकों की पहचान के सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किया गया। इसके बाद उनकी पहचान हो सकी। जानकारी मिलते ही मृतक के पजिन रुड़की के लिए रवाना हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार गांव बहराना निवासी चार दोस्त सचिन पुत्र चांद सिंह, अरुण पुत्र विनोद, प्रवीन पुत्र शील कुमार, प्रदीप पुत्र जगबीर शनिवार रात को अपनी कार से हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे। जब वह सुबह नया बाईपास रुड़की के नजदीक पहुंचे तभी कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई। इस दौरान चालक सचिन किसी तरह सड़क पर जा गिरा। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना लगते ही मौके पर राहगीर और अन्य लोग जुट गए। लोगों ने स्थानीय पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और सचिन के शव को अपने कब्जे में लेकर घायलों को रुड़की के अस्पताल में भर्ती करवाया। जहां से अरुण व प्रवीन को छुट्टी मिल गई। प्रदीप का रुड़की के अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू की है। बताया जा रहा है कि प्रदीप पुत्र जगबीर दिल्ली के एमसीडी विभाग में नौकरी करता है।
हादसे की सूचना मिलने पर गांव में छाया मातम
ग्रामीण संजीत ने बताया कि गांव से हरिद्वार गंगा स्नान के लिए निकले चार दोस्तों की सड़क हादसे की सूचना गांव बहराना में पहुंची तो परिजन व अन्य ग्रामीण रुड़की रवाना हो गए। देर शाम को सचिन का शव गांव बहराना में लाया गया। गमगीन माहौल में सचिन का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सचिन की मौत से परिजनों में कोहराम मच है। वहीं, गांव में मातम छाया हुआ है।
हैडबॉल का खिलाड़ी था सचिन
चाचा सुरेंद्र ने बताया कि सचिन हैडबॉल का खिलाड़ी था और दो बार नेशनल खेल कर मेडल भी जीत चुका था। हाल में दिल्ली प्रीतमपुरा में हैडबॉल की तैयारी करता था। बड़ा भाई करीब 6 माह पहले ही फौज में भर्ती हुआ है। वह बरेली में ट्रेनिंग कर रहा है। हादसे की सूचना मिलने के बाद बड़ा भाई बरेली से गांव बहराना पहुंचा।
सचिन करता रहा मना, लेकिन जबरन ले गए दोस्त
चाचा सुरेंद्र ने बताया कि हरिद्वार जाने से पहले सचिन दोस्तों को मना कर रहा था, लेकिन वे उसे जबरन ले गए। उन्होंने बताया कि जब सभी लोग गांव के स्कूल के पास पहुंचे तो सचिन गाड़ी से उतर गया। बाद में अरुण, प्रदीप, प्रवीन कार से हरिद्वार ओर निकल गए। जब वह कुछ दूर पहुंचे तो उनका मन नहीं माना। इस पर वे फिर लौटकर आए और सचिन को मनाकर ले गए। परिजनों ने रात बारह बजे संपर्क किया तो दोस्तों ने कहा कि वह उनके साथ हरिद्वार जा रहा है। हादसे के बाद प्रवीन ने परिजनों को सूचना दी कि नया बाईपास रुड़की के पास कार डिवाइडर से टकरा गई है। हादसे में सचिन की मौत हो गई है।