-फोटो 51 : बहादुरगढ़ में सेक्टर-9 में सड़क पर चल रही धुआं छोड़ती बाइक। संवाद
बहादुरगढ़। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने बड़ा फैसला लिया है। 1 नवंबर से दिल्ली में बीएस-6 मानक से नीचे वाणिज्यिक मालवाहक वाहनों की एंट्री पर बैन हो गया है। बहादुरगढ़ में पांच हजार से अधिक ऐसे वाहन हैं जो बीएस-6 से नीचे हैं। अब दिल्ली जाने से उनके पहिये थम जाएंगे। वहीं सीएक्यूएम की ओर से बीएस-4 मानक वाले वाहनों को 31 अक्तूबर 2026 तक दिल्ली में प्रवेश की अनुमति दी गई है। इससे बहादुरगढ़ के 10 हजार वाहन चालकों को राहत मिली है।
बीएस-6 से मानक से नीचे वाणिज्यिक मालवाहक वाहनों को 1 नवंबर से दिल्ली में बैन का निर्णय 23 अप्रैल 2025 को लिया गया था। पहले जारी निर्देश के अनुसार बीएस-6 सीएनजी, एलएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को ही दिल्ली में प्रवेश की अनुमति दी गई थी।
अब बीएस-4 वाहनों को एक वर्ष की अस्थायी राहत प्रदान की गई है ताकि आवश्यक वस्तुओं और सेवाओं की आपूर्ति बाधित न हो। आयोग ने यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लिया है।
वहीं बीएस-3 और उससे नीचे के सभी वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी क्योंकि यह अत्यधिक प्रदूषण फैलाते हैं। सीएक्यूएम ने दिल्ली सरकार, परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और एनसीआर राज्यों को निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का व्यापक प्रचार प्रसार करें और सीमा प्रवेश बिंदुओं पर सख्त निगरानी रखें।
सभी संबंधित एजेंसियों को आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन और अनुपालन पर हर तिमाही में कार्रवाई रिपोर्ट आयोग को सौंपनी होगी। इस निर्णय के बाद दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने भी इस संबंध में सार्वजनिक नोटिस जारी कर दिया है।
परिवहन विभाग का मानना है कि यह निर्णय दिल्ली में सदियों के मौसम से पहले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आयोग का कहना है कि यह पहल न केवल वायु गुणवत्ता सुधारने में मदद करेगी बल्कि दिल्ली के बॉर्डर पर ट्रैफिक जाम और उससे होने वाले उत्सर्जन को भी कम करेगी।