माल गोदाम रोड पर किराना स्टोर चलाने वाले दुकानदारों को अपनी दुकान के आगे लकड़ी के बोर्ड की फिटिंग कराना महंगा पड़ गया।
परिवार के ही सदस्य व साथ लगते दुकानदार ने गुस्से में आकर उन तीनों पर टॉयलेट साफ करने वाला एसिड फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
एसिड अटैक करने के आरोपी दुकानदार को गिरफ्तार करके पुलिस ने न्यायालय में पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
हालांकि आरोपी ने आरोप को गलत बताया है। माल गोदाम रोड के निवासी धर्मबीर, मदन, बालकिशन एक ही कुनबे से संबंधित हैं।
धर्मबीर की यहां इलेक्ट्रिशियन की दुकान है तो मदन व बालकिशन संयुक्त रूप से किराना स्टोर चलाते हैं। दोनों पक्षों की दुकानें साथ-साथ हैं।
पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों में किसी न किसी बात को लेकर कई बार कहासुनी हो जाती है। अस्पताल में भर्ती मदन व बालकिशन ने बताया कि शनिवार को वे मिस्त्री से अपनी दुकान के आगे प्लाई बोर्ड की फिटिंग करवा रहे थे। इस पर धर्मबीर ने गाली-गलौच व झगड़ना शुरू कर दिया।
विरोध किया तो उसने उन पर अचानक प्लास्टिक की बोतल में भरा एसिड फेंक दिया। बालकिशन का बेटा जब बीच-बचाव के लिए आया तो उस पर भी एसिड डाल दिया।
हालांकि इस दौरान धर्मबीर पर भी कुछ बूंद एसिड गिरा। इस हमले से अंशुल, बालकिशन व मदन की हालत बिगड़ गई। उन्हें ट्रॉमा सेंटर लाया गया जहां से परिजन ब्रह्मशक्ति संजीवनी अस्पताल ले गए।
यहां बालकिशन व मदन की हालत में काफी सुधार बताया है तो अंशुल अभी आईसीयू में भर्ती है। उसके चेहरे व शरीर के अन्य अंगों पर एसिड गिर गया।
अस्पताल के नेत्र रोग विभाग, सर्जरी विभाग के डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं।
आरोपी धर्मबीर का कहना है कि उसकी बिजली की दुकान है और वह एसिड रखता ही नहीं।
उसने किसी पर नहीं डाला बल्कि रंजिशन उस पर इस तरह के आरोप लगाए गए हैं। उसका कहना था कि बालकिशन व मदन उसकी दुकान के काफी हिस्से पर अपना सामान रखते हैं।
-कहां से आया एसिड
एक ही परिवार के तीन सदस्यों पर एसिड अटैक होने की सूचना पर पुलिस के भी हाथ पांव फूल गए। थाना प्रभारी तेलूराम की अगुआई में पुलिस रात भर मामले की पड़ताल में जुटी रही।
पुलिस ने उस खाली बोतल को भी अपने कब्जे में ले लिया जिससे एसिड डाला गया था। यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह एसिड कहां से खरीदा गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह टॉयलेट साफ करने में इस्तेमाल होने वाला एसिड था।
-पहले भी हुआ झगड़ा
दोनों पक्षों में पहले से ही काफी खींचतान चली रही थी। करीब चार-पांच माह पहले भी उनमें आपसी झगड़ा हो गया था। मामला पुलिस स्टेशन तक पहुंचा था लेकिन उसके बाद लोगों के हस्तक्षेप के बाद मामला निपट गया था।
दोनों पक्षों में से एक पक्ष जहां मकान के निचले हिस्से में रहता है तो दूसरा ऊपरी में। आपस में उनमें किसी न किसी बात को लेकर कहासुनी हो जाती थी। मगर एसिड अटैक की घटना से अब परिवार के लोग भी सहमे हुए हैं।
बिना परमिट वालों पर कसेगा शिकंजा
थाना प्रबंधक तेलूराम ने बताया कि एसिड अटैक को लेकर पुलिस सख्त है। यदि कोई दुकानदार या फिर फेरी वाला बिना किसी परमिट के एसिड बेचता हुआ मिला तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में पकड़ने गए आरोपी धर्मबीर को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत मेें भेज दिया।