नगर परिषद में टेंडर खोलने और अलाट करने के मामले में गोलमाल का खेल काफी समय से चल रहा है। नियमों को ताक पर रखकर टेंडर खोलने और राज खुलने के डर से टेंडर को रद्द करने का एक और मामला सामने आया है। इस बार शहर के पार्कों के रखरखाव कार्य के जॉब संख्या 234 का मामला है। सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने अपने चहेते ठेकेदार को टेंडर अलाट करने के लिए टेंडर की बिड खोल ली और बाद में पोल खुली तो आनन-फानन में टेंडर कर इसे अब दोबारा से लगाया है। दोबारा टेंडर लगाने के लिए परिषद की चेयरपर्सन शीला राठी के हस्ताक्षर भी नहीं कराए गए। उन्हें इस मामले का पता लगा तो परिषद सचिव व अभियंता को पत्र लिखकर दोनों से स्पष्टीकरण मांगा है।
ये है सारा मामला
शहर में पार्कों के रखरखाव को लेकर 6 जनवरी को ई-टेंडर काल किए गए थे। उसके बाद 18 जनवरी को ये टेंडर खोले गए। इसमें छह फर्मों ने टेंडर भरे थे, जिनमें से 28 फीसदी माइनस रेट देने वाली एक फर्म को टेंडर अलाट करने की सिफारिश अधिकारियों की ओर से कर दी गई। सूत्रों का कहना है कि यह फर्म तकनीकी योग्यता पूरी नहीं करती थी फिर भी अधिकारियों ने इसका टेंडर ओपन कर दिया। जब इस बात का खुलासा हुआ तो अधिकारियों ने टेंडर अलाट करने के बजाय टेंडर रजिस्टर में छेड़छाड़ कर लिख दिया कि टेंडर में बागवानी से संबंधित नियम व शर्तें अपलोड नहीं की गई थीं, इसी वजह से टेंडर रद्द कर करके दोबारा काल किया जाए। इतना ही नहीं अधिकारियों की मनमानी यहां भी नहीं रुकी और चेयरपर्सन के हस्ताक्षर के बिना ही अधिकारियों ने इसी टेंडर को दोबारा से काल भी कर लिया। जब इस बात का पता चेयरपर्सन को लगा तो उन्होंने नप सचिव व संबंधित परिषद अभियंता को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण मांगा है। चेयरपर्सन ने अपने पत्र में कहा कि जब बागवानी की नियम व शर्तें अपलोड ही नहीं की गई थी तो टेंडर खोला ही नहीं जाना चाहिए था। नियमों को ताक पर रखकर टेंडर खोला ही क्यों गया। करीब 24 लाख रुपये के अनुमानित बजट वाले इस टेंडर को लेकर चेयरपर्सन ने दोनों अधिकारियों से जवाब मांगा है।
पार्कों के रखरखाव कार्य के टेंडर में छेड़छाड़ करने का यह मामला पहला नहीं है। इससे पहले भी परिषद अधिकारी 66 फुटा रोड के टेंडर में भी छेड़छाड़ कर चुके हैं। इस रोड के टेंडर को भी नियमों को ताक पर रखकर खोला गया था और बिना लाइसेंस वाले ठेकेदार को काम अलाट करने की तैयारी की गई थी। जब मामला उजागर हुआ और शिकायत हुई तो अधिकारियों ने आनन-फानन में इस टेंडर को कैंसल कर दिया था। यह मामला कुछ समय पहले काफी सुर्खियों में रहा था।
अधिकारियों मांगा गया स्पष्टीकरण
पार्कों के रखरखाव कार्य के टेंडर में छेड़छाड़ का मामला मेरे संज्ञान में बृहस्पतिवार को ही आया है। अनियमितता बरते जाने की जानकारी मिलते ही मैंने तुरंत परिषद सचिव व परिषद अभियंता से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा है। दोनों अधिकारियों का जवाब आने के बाद ही मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।
-शीला राठी, चेयरपर्सन
नगर परिषद बहादुरगढ़