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Jhajjar-Bahadurgarh News: बयान बदलने से फंसा सीए...और खुल गया कत्ल का चिट्ठा

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-फोटो 81 : बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में विलाप करते मृतका महक के परिजन। संवाद
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बहादुरगढ़। बैंक खातों में करोड़ों के लेनदेन का हिसाब-किताब संभालने वाला चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) अंशुल धवन पत्नी महक कथूरिया की हत्या के बाद बार-बार अपना बयान बदल रहा था। घटनास्थल पर मिले सर्जिकल ग्लव्ज ने पुलिस का शक और बढ़ा दिया। जब सख्ती से पूछताछ की गई तो अंशुल ने कत्ल की पूरी कहानी बयां कर दी।
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अंशुल ने पहले पुलिस को बताया कि लुटेरों ने उसकी गाड़ी को ओवरटेक कर रुकवाया फिर लूटपाट के बाद पत्नी महक की हत्या कर दी। इसके बाद उसने बयान दिया कि लुटेरे महक को अगवा कर ले गए फिर हत्या कर रजबहे में शव फेंक दिया। इसके बाद पुलिस ने अंशुल को हिरासत में ले लिया।
इधर, वारदात के बाद घटनास्थल पर पहुंची महक की बहन श्रुति ने अंशुल पर प्लानिंग के तहत हत्या का आरोप लगाया। कहा, इस रास्ते से वह कभी गुरुग्राम नहीं जाते थे। अंशुल को महक की हत्या करनी थी इसीलिए कल रात उसने यह रास्ता चुना। श्रुति ने कहा, एक सीए को सर्जिक्ल ग्लव्ज की जरूरत क्यों पड़ती है? उसने गाड़ी में कैंची क्यों रखी थी।
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श्रुति ने सवाल उठाते हुए कहा, वारदात के बाद अंशुल ने सबसे पहले अपनी बहन और जीजा को फोन क्यों किया ? घटनास्थल पर जब पुलिस पहुंची तो वे दोनों पहले से वहां बैठे हुए थे। यह सारे सबूत उसका गुनाह साबित करने के लिए पर्याप्त हैं।
घर में चल रही थी नन्हे मेहमान के स्वागत की तैयारी

श्रुति ने कहा कि शादी के दो माह बाद ही महक गर्भवती हो गई थी। अभी कुछ दिन पहले ही उसने यह खुशखबरी साझा की थी। घर में नन्हे मेहमान के आगमन की तैयारी चल रही थी। उसके पति अंशुल ने यह भी नहीं सोचा कि महक उसी के बच्चे की मां बनने वाली है।
मां बोलीं-मां-बाप पर क्या गुजरेगी यह भी नहीं सोचा
घटनास्थल पर बेटी को याद कर मां डिंपल फफक पड़ीं। बोलीं-हत्यारे को क्या पता मां-बाप और भाई पर क्या बीत रही है। हमने अपनी फूल सी बच्ची को उसे अंशुल को सौंपा था। उसे तनिक भी दया नहीं आई। मेरी बच्ची को हमेशा के लिए छीन लिया। बोलीं, जब तक हत्यारे को फांसी नहीं होगी मेरे कलेजे को ठंडक नहीं मिलेगी। पिता कृष्ण कुमार ने कहा, रविवार को दोनों सिर्फ 10 मिनट के लिए घर आए थे। हमने रुकने के लिए कहा लेकिन वह नहीं रुका।
हंसते हुए घर से निकली थी महक, मां ने कहा था-ख्याल रखना
भाई अक्षय ने बताया कि बीती रात बहन घर से हंसते-मुस्कुराते निकली थी। उसे क्या पता था यह उसका आखिरी सफर बन जाएगा। अक्षय ने बताया कि बहन ने घर से निकलते समय जल्द दोबारा मिलने का वादा किया था। घर से जाते समय मां डिंपल ने खाना बांधकर दिया और ख्याल रखने के लिए कहा था।

-फोटो 81 : बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में विलाप करते मृतका महक के परिजन। संवाद

-फोटो 81 : बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में विलाप करते मृतका महक के परिजन। संवाद

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