झज्जर। महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत पात्रों को गांव से लाने व दोपहर को छोड़ने के लिए 14 रोडवेज बसें लगाई गई थी। ऐसे में पूरा दिन कई ग्रामीण रूट प्रभावित हुए। इसके चलते यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शाम तक बसें वापस डिपो में पहुंची और उनको नियमित रूटों पर भेजा गया।
जिले में लगभग 200 से अधिक बसें हैं। इनको अन्य जिलों के अलावा ग्रामीण व लंबे रूटों पर चलाया जाता है। जिले से प्रतिदिन 20 हजार यात्री विभिन्न स्थानों पर सफर करते हैं। प्रतिदिन 12 से 15 लाख रुपये की आमदनी होती है। झज्जर ऐसा बस अड्डा हैं, जहां पर विभिन्न स्थानों के लिए बस सेवा मिल जाती है। यह क्षेत्र के हिसाब से प्रदेश का सबसे बड़ा बस अड्डा भी है। सोमवार को महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत लाभपात्रों को लाने के लिए 14 बसों को लगाया गया था। इसके चलते बहुझोलरी, बेरी, साल्हावास, कोसली, बादली, डीघल, मातनहेल, छुछकवास के रूट प्रभावित रहे। झज्जर जिला के 737 और रेवाड़ी जिला के 65 लाभार्थी बसों के माध्यम से राजकीय नेहरू कॉलेज में लाया गया था। ऐसे में बसें निर्धारित रूटों पर नहीं चल सकी और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
वर्जन
प्रशासन की तरफ से 14 बसें राजकीय नेहरू कॉलेज में पात्रों को लाने व दोपहर को छोड़कर आने के लिए लगाई गई थी। इसके चलते कुछ रूट प्रभावित रहे।
रणबीर गोरिया, सीआई, हरियाणा रोडवेज झज्जर डिपो