शहर के सीताराम गेट क्षेत्र स्थित एक मकान में रविवार की सुबह तीन सांड लड़ते-लड़ते अचानक एक घर में घुस गए।
बाहर निकलने का रास्ता न मिलने पर सांडों ने घर के भीतर जमकर उत्पात मचाया।
एक सांड आंगन में रह गया, जबकि दो सांड लड़ाई के दौरान कमरे के भीतर घुस गए।
दोनों सांडों के बीच चली घमासान में कमरे के भीतर रखा तमाम सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
पड़ोसियों की मदद से बड़ी मशक्कत करके करीब एक घंटे बाद दोनों सांडों को बाहर निकालने में सफलता मिल पाई। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की है।
सीता राम गेट में रहने वाले जगदीश टुटेजा का बंद गली में आखिरी मकान पड़ता है। रविवार की सुबह वह अपनी पत्नी के साथ मंदिर गए थे।
बताते हैं कि उनके घर का मुख्य दरवाजा खुला पड़ा था। इसी दौरान तीन सांड लड़ते-लड़ते उनके घर में घुस आए।
गली के काफी संकरा होने के चलते सांडों को जब बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिल पाया, तो वे घर के अंदर ही घुसते चले गए।
वहां मौजूद लोगों ने बताया कि एक सांड तो आंगन में रह गया, लेकिन बाकी के दो सांड लड़ाई के दौरान कमरे में जा घुसे। दोनों सांडों के बीच लड़ाई हुई,
जिसका परिणाम यह रहा कि घर के भीतर रखा डबल बेड, सोफा, फ्रिज, टेबल, एक्टिवा सहित अन्य काफी सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
जगदीश टुटेजा को जब इस बात का पता चला तो वे परिवार समेत दौड़ कर घर पहुंचे। इस दौरान वहां काफी भीड़ जमा हो चुकी थी।
इसी भीड़ में शामिल रहे कुछ युवकों ने हिम्मत दिखाते हुए कमरे के भीतर घुसकर किसी तरह से सांडों को बाहर निकाला।
करीब एक घंटा तक बने रहे इस माहौल में किसी को चोट नहीं आई। परिवार के सदस्य अनिल टुटेजा का कहना है कि उन्हें जो यह नुकसान हुआ है, उसके लिए प्रशासनिक स्तर पर उन्हें आर्थिक सहायता प्रदान की जानी चाहिए।