बहादुरगढ़। शहर के सराफा कारोबारियों को 1 फरवरी को आने वाले बजट में सोने-चांदी पर लगने वाली भारी आयात शुल्क में कटौती की उम्मीद है। मौजूदा समय में सोने पर 15 प्रतिशत आयात शुल्क लगता है। इसमें 2.5 फीसदी कृषि आधारभूत विकास सेस भी शामिल है। इसके अलावा तीन प्रतिशत जीएसटी है। सोने-चांदी पर कुल 18 फीसदी कर लगता है। कारोबारियों को उम्मीद है कि आयात शुल्क कम होने से इस पर अंकुश लगेगा और कारोबार में तेजी आएगी। सराफा कारोबारियों का कहना है कि सबसे ज्यादा महिलाएं सोना-चांदी खरीदती हैं। अपनी सुरक्षा के लिए कोई भी महिला नाम, मोबाइल नंबर आदि नहीं देती है। सोना-चांदी दोनों के दाम में महंगाई को देखते हुए नकद लेन-देन की सीमा 50 हजार होनी चाहिए।
आयात शुल्क कम होगा तो तस्करी पर रोक लग सकती है। दो लाख की खरीद पर पैन लगता है। मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट में 50 हजार की खरीद पर खरीदार की सूचना देनी होती है। ये दोहरी व्यवस्था खत्म हो। बजट में सरकार को आयात शुल्क में कटौती करनी चाहिए। जीएसटी भी कम होना चाहिए। सोना-चांदी के भाव को देखते हुए सरकार को टैक्स में कटौती करनी चाहिए।
-पवन वर्मा, अध्यक्ष हरियाणा स्वर्णकार संघ
आयकर सीमा 10 लाख की जाए, जीएसटी की विसंगतियां दूर कर इसको तीन स्लैब में किया जाए। आर्थिक मदद वाली स्कीमें घोषित की जाएं। हर पंंजीकृत जीएसटी व्यापारी को मुफ्त मेडिक्लेम की सुविधा दी जाए।
-प्रदीप कौल, उद्योगपति
-फोटो 52 : पवन वर्मा- फोटो : mathura
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