झज्जर। नगर परिषद हाउस की बैठक में वीरवार को नए वित्तीय वर्ष के लिए 38.85 लाख रुपये लाभ का बजट रखा गया है। 2024-25 में नगर परिषद ने अपनी आमदनी 38.15 करोड़ रुपये और खर्चा 37.76 करोड़ रुपये दिखाया है। हालांकि नगर परिषद ने 2023-24 के बजट में 35.89 करोड़ रुपये की आमदनी होने का अनुमान लगाया था जबकि दिसंबर 2023 तक नगर परिषद को 24.98 करोड़ रुपये की आमदनी हुई है। जनवरी से मार्च 2024 तक 6 करोड़ 24 लाख 58 हजार 820 रुपये की आमदनी होने का अनुमान है। यानी लगभग 31.22 करोड़ रुपये की आमदनी होने की उम्मीद है। अनुमान से लगभग 4 करोड़ रुपये कम आमदनी हुई है।
बैठक की अध्यक्षता नगर परिषद के चेयरमैन जिले सिंह सैनी ने की जबकि जिला नगर आयुक्त परवेश कादियान मुख्य रूप से शामिल हुए। लेखा अधिकारी जोगेंद्र ने बजट की रिपोर्ट पेश की। बैठक में नए वित्तीय वर्ष में 37 लाख 76 हजार 39 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया है। इसमें 12.77 करोड़ रुपये स्थापना खर्चे, 1.32 करोड़ रुपये प्रशासनिक खर्चे, 3.44 करोड़ रुपये सफाई एवं सॉलिड वेस्ट मैनेंजमेंट, 3.71 करोड़ रुपये ऑपरेशनल एंड मेंटेनेंस, 1.46 करोड़ रुपये अन्य खर्चे, 14.55 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्चे, 5 लाख रुपये लोन पर खर्चे दिखाए गए हैं। वहीं चालू वित्त वर्ष के दिसंबर 2023 तक नगर परिषद ने 13 करोड़ 17 लाख 68 हजार 187 रुपये विभिन्न मदों पर खर्च किए हैं, जबकि जनवरी से मार्च 2024 तक 3 करोड़ 29 लाख 42 हजार 47 रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस अवसर पर उपप्रधान अंशुल प्रवीण गर्ग, ईओ केके यादव, एक्सईएन मनदीप दहिया मनजीत दहिया व अन्य पार्षद मौजूद रहे।
रोड कट की कम राशि पर पार्षदों ने उठाए सवाल
बजट बैठक में जब अधिकारियों ने रोड कट का जिक्र किया तो उसमें केवल 10 हजार 776 रुपये आमदनी के दिखाए गए थे। उपप्रधान अंशु प्रवीण गर्ग ने सवाल उठाया कि जन स्वास्थ्य विभाग ने पूरा शहर उखाड़ रखा है। क्या 10 हजार रुपये का रोड चार्ज आया है। इस पर प्रधान जिले सिंह सैनी ने बताया कि कई रोड नप के अधीन नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो रोड कट करता है और राशि जमा नहीं करता, उसको नोटिस दिए जाएं और रोड कट की राशि भरवाई जाए।
पार्षद बोले कुत्तों का रजिस्ट्रेशन हो, आमदनी से नसबंदी कराई जाए
बैठक में कुत्तों के रजिस्ट्रेशन फीस को शून्य दिखाया गया था। इस पर पार्षदों ने एतराज जताया और कहा कि शहर में लोगों ने कुत्ते पाल रखे है। यह काटने को आते हैं। इनका रजिस्ट्रेशन कराया जाए। इससे जो आमदनी हो, उससे कुत्तों को पकड़वाया जाए। ईओ केके यादव ने कहा कि कुत्तों के पकड़ने पर रोक है। इस पर पार्षदों ने उनकी नसबंदी कराने की बात कही। वहीं पार्षदों ने मांग की कि एफडी को तुड़वाकर उसे विकास कार्यों पर लगाया जाए। पार्षद भागवंती ने कहा कि एक साल से विकास के काम शुरू होने सुन रहे हैं। एफडी की बजाय पैसा विकास कार्यों पर लगाया जाए।