बहादुरगढ़। राज्य सरकार द्वारा करीब दो साल पहले शहर में बनाए गए सैनिक विश्राम गृह की सुविधा सैनिकों व पूर्व सैनिकों को अब तक मिलनी आरंभ नहीं हुई है। करोड़ों रुपये खर्च करके बनाए गए भवन को लगातार बंद रखने के कारण अब क्षति भी होने लगी है। निर्माण में रह गई खामियों की वजह से जिला सैनिक बोर्ड इस नए भवन को लेना नहीं चाहता और लोक निर्माण विभाग इसकी कमियों को दूर करने को तैयार नहीं है। पूर्व सैनिक संगठन की एक टीम ने दोनों विभागों से नए भवन को पूरी तरह तैयार कर खोलने की मांग की है।
पूर्व सैनिक संगठन ने वीरवार को बहादुरगढ़ के आर्यनगर स्थित कार्यालय में बैठक की। इसमें वन रैंक-वन पेंशन सहित कई मुद्दों पर विचार विमर्श किया। बैठक की अध्यक्षता संगठन के प्रधान श्रीनिवास छिकारा ने की। बैठक के बाद छिकारा ने बताया कि जरूरत पड़ने पर पहुंचने वाले सैनिकों और पूर्व सैनिकों को विश्राम गृह के द्वार पर ताला लटकता हुआ मिलता है। लोक निर्माण विभाग अधिकारियों का कहना है कि विभाग की ओर से जिला सैनिक बोर्ड को पत्र लिखकर विश्राम गृह को अधिकारिक रूप से ग्रहण करने का निवेदन किया जा चुका है। लेकिन जिला सैनिक बोर्ड खामियां दूर होने से पहले इस भवन को लेने के लिए तैयार नहीं है। वीरवार को हुई संगठन की बैठक में संयोजक मेजर धर्मबीर कादयान, उपाध्यक्ष महेंद्र सांखोल, पवन कोच व सूबेदार विजयपाल भी शामिल रहे।