झज्जर। देश की आजादी से पूर्व दुजाना रियासत से जुड़ी इमारतें जर्जर हो रही है। अब प्रदेश सरकार ने बजट में इन्हें अपने संरक्षण में लेने की घोषणा की गई हैं। सरकार की ओर से प्राचीन धरोहर को संजोने के लिए प्रदेश के 2021-22 के लिए पेश किए गए बजट में घोषणा की गई है कि दुजाना गांव में स्थित लाल मस्जिद व नवाब की बाघ वाली कोठी को सरकार के संरक्षण में लिया जाएगा।
नवाब की कोठी देखरेख के अभाव में तिल-तिलकर जर्जर हो रही है और एक खंडहर में तबदील होती जा रही है। अगर सरकार इसे अपने संरक्षण में लेगी तो इसके जीर्णोद्धार के साथ-साथ एक ऐतिहासिक धरोहर सुरक्षित रहेगी। हालांकि गांव में सफेद मस्जिद, लाल मस्जिद सहित कई मस्जिदें हैं, लेकिन सही रूप से लाल मस्जिद का जीर्णोद्धार हुआ है। इस मस्जिद में नमाज भी अदा की जाती है। दिल्ली की जामा मस्जिद के नक्शे पर इस मस्जिद का निर्माण किया गया है। गांव में सबसे सुंदर मस्जिदों में इसकी गणना होती है। हालांकि इस तरह की मस्जिद आसपास के क्षेत्र में भी नहीं है।
दुजाना के नवाब इख्तीदार अली खान की रियासत से जुड़ी गांव में अनेक धरोहर हैं। इन धरोहरों को संजोने के लिए सरकार की तरफ से पहली बार यह एक बेहतर कदम उठाया गया है। नवाबी काल की इमारतों में एक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चल रहा है, तो दूसरे भवन में सरकारी स्कूल चल रहा है। अगर इन धरोहरों को भी अच्छी तरीके से संजोया जाए तो इन नवाबी काल की धरोहरों को एक यादगार के रूप में लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
वर्जन
नवाबी काल से जुड़ी धरोहर को सरकार अपने संरक्षण में लेगी तो प्राचीन धरोहर को सुरक्षित रक्षा जा सकेगा। नवाब की कोठी को मरम्मत के साथ-साथ देखरेख की आवश्यकता है। सरकार का यह बेहतर कदम है।
- मनीष शर्मा, नंबरदार, दुजाना।