बहादुरगढ़। शहर की हवा फिर जहरीली हो गई है। रविवार को महरूम रंग में एक्यूआई 436 दर्ज किया है। प्रदूषण का स्तर बढ़ने से सांसों पर खतरा मंडराने लगा है। लोगों को खुले में सांस लेना मुश्किल हो रहा है। सुबह के समय क्षेत्र में स्मॉग छाया रहा।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी प्रदूषण बढ़ने के पीछे हवा की गति कम होना मान रहे हैं। लोगों को आंखों में जलन, थकावट, सांस लेने में परेशानियां हो रही है। प्रदूषण कम नहीं हुआ तो सीएक्यूएम की ओर से ग्रैप-3 की पाबंदियां लागू की जा सकती हैं।
नवंबर का पहला हफ्ता कम प्रदूषित रहा। दूसरे हफ्ते के दूसरे दिन ही एक्यूआई 436 दर्ज किया गया। हवा की गति 4 से 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रही। चिकित्सक बच्चे व बुजुर्गों को सुबह-शाम की सैर करने से मना कर रहे हैं। प्रदूषण के कारण लोगों को सिरदर्द की भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा का कहना है कि अभी प्रदूषण में कमी आने की संभावना नहीं है। शहर में नगर परिषद, औद्योगिक क्षेत्र में एचएसआईआईडीसी की ओर से एंटी स्मॉग गन और टैंकरों के जरिये पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
अब और बढ़ेगी ठंड
पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ गई है। रविवार को अधिकतम तापमान 26 व न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 10 से 14 नवंबर के बीच आसमान साफ रहेगा। सुबह के समय धुंध रह सकती है। अधिकतम तापमान 26 से 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9 से 12 डिग्री दर्ज किया जा सकता है।
बदलते में मौसम बरतें यह सावधानी
-डॉक्टरों की सलाह, मास्क लगाकर ही घर से निकलें।
-बीपी, डायबिटीज और हृदय रोगी घर से बाहर निकलने में परहेज करें।
-गर्म पानी से नहाएं, गुनगुना पानी पीएं, ताजे फल खाएं।
-कोल्ड ड्रिंक और फ्रिज में रखे सामान का सेवन न करें।
आम लोग क्या करें
-सुबह व शाम के समय बाहरी गतिविधियां बंद कर दें।
-जॉगिंग की बजाय शॉर्ट वॉक अपनाएं, बीच में ब्रेक लें।
-यदि छाती में जकड़न, कफ, वीजिंग, सांस में तकलीफ या बेहोशी महसूस हो रही है तो एक्टिविटी पूरी तरह बंद कर दें और चिकित्सक को दिखाएं।
-यदि घर में खिड़कियां हैं तो उसे बंद रखें।
-अगरबत्ती, मोमबत्ती और धूप आदि न जलाएं।
-घर को साफ रखें, झाड़ू की बजाय पोंछा लगाएं, झाड़ू से धूल अधिक उड़ेगी।
-फोटो 60 : शहर में सडक़ों पर पानी का छिडक़ाव करता टैंकर। संवाद