स्टेडियम में बगैर छत के खड़े बॉक्सिंग हाल की हालत से आहत कोच रविवार को मदद के लिए कृषि मंत्री के आगे हाथ जोड़ कर खड़े हो गए।
कोच ने मंत्री से कहा कि कुछ बजट देकर इसकी छत व बॉक्सिंग रिंग डलवा दो, बच्चों का भला होगा। मंत्री ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। कोच द्वारा मंत्री के आगे इस प्रकार हाल का मुद्दा उठाने पर खेल विभाग के अधिकारी सकते में हैं।
विवाद इस पर है कि उन्होंने अधिकारियों को बिना विश्वास में लिए ही मंत्री के आगे हाथ फैला लिए। प्रशासन का कहना है कि जब प्रशासन इसमें पहले से ही मदद कर रहा था तो इसकी जरूरत भी क्या थी।
शाम को डीएसओ ने कोच को फोन लगाए, लेकिन जवाब नहीं आया।
बजट शेड का था, खड़ा किया हाल, नहीं आयी छत
बॉक्सिंग को लेकर झज्जर के खिलाड़ियों में काफी संभावनाएं हैं। इसको देखते हुए बाग जहांआरा स्टेडियम में बॉक्सिंग खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं मुहैया कराने की बात उठी थी।
कोच हितेष देशवाल की नियुक्ति पहले से थी, लेकिन बॉक्सिंग की प्रैक्टिस के लिए जगह नहीं थी। खेल विभाग ने इसके लिए जुलाई में 9 लाख रुपये जारी किए। यह राशि शेड के निर्माण के लिए थी।
इसी बीच डीएसओ राजबीर सिंह ने यहां ज्वाइन किया। उन्होंने हालात को समझा और फैसला लिया कि शेड नहीं बल्कि यहां बॉक्सिंग हाल का निर्माण कराएंगे।
इसके लिए डीसी के सामने मामला रख गया, मंजूरी मिल गई। नौ लाख रुपये पंचायती राज विभाग को ट्रांसफर कर दिए गए। इसके बाद अगस्त में हाल का निर्माण शुरू हो गया।
अब चौथा महीना बीतने को है, पर हाल पर दत नहीं डल पायी है। कहा जा रहा है कि बजट की कमी है।
गीता जयंती में पहुंचे थे मंत्री
बाग जहांआरा स्टेडियम में इन दिनों गीता जयंती महोत्सव चल रहा है। रविवार को इसके सेमिनार में भाग लेने कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ पहुंचे।
मंत्री अभी स्टेडियम में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन कर रहे थे, तो बॉक्सिंग कोच हितेष देशवाल अचानक मंत्री के आगे आ गए।
कोच मंत्री के आगे हाथ जोड़ कर खड़े हो गए, बोले कि आपने बॉक्सिंग के लिए बजट तो दिलाया, लेकिन अब तक बॉक्सिंग हाल अधूरा है, इसकी छत नहीं आ रही।
उन्होंने मंत्री से मदद की गुहार लगाई। साथ ही मंत्री को इशारे में निर्माणाधीन हाल की हालत दिखाई। मंत्री ने इसे देख और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बोले कोच, मंत्री से सुविधा मांगी
कोच हितेष ने कहा कि बॉक्सिंग के खिलाड़ियों को जगह की परेशानी है। उन्होंने मंत्री से बच्चों के लिए सुविधा मांगी अपने लिए नहीं।
उन्होंने मंत्री से अनुरोध किया कि पहले हॉल पर छत डलवा दें, फिर बच्चों के लिए बॉक्सिंग रिंग दे दें। मंत्री ने उनकी बात सुनी और कहा कि विभाग से इसके लिए एस्टीमेट तैयार कर भिजवा दें, बजट उनकादिलवाएंगे।