उसे नहीं पता था कि जिन कंधों पर उसे जाना था, आज उन्हें ही अपने बूढ़े कंधों पर उठाकर शमशान तक ले जाना पड़ेेगा। बुढ़ापे की लाठी बनने वाले बेटों की हत्या कर दी गई और बुजुर्ग बाप की बुढ़ापे की लाठी टूट गई। गांव चिमनी में दो सगे भाईयों को गोली मार कर हत्या करने के मामले में अब उनके के पिता 74 वर्षीय बुजुर्ग के कंधों पर परिवार की जिम्मेदारी आ पड़ी है। ग्रामीणों की मानें तो परिवार की गांव में किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और हर कोई बात से हैरत में है कि दोनों में इतना प्यार होने के बाद भी घटना को अंजाम कैसे दिया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, परिवार में कमाने के लिए कोई बचा नहीं है और पूरे परिवार की जिम्मेदारी बुजुर्ग पर आ पड़ी है। दोनों भाईयों का गांव में एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया है।
- डेढ़ माह में तीन बेटे समाए मौत के आगोश में
गांव चिमनी निवासी ओमप्रकाश के छोटे बेटे का 22 मई को बीमारी के चलते मौत हो गई थी। अब रविवार रात को दोनों बेटों को अलग-अलग जगहों पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। बड़े बेटे आनंद को कलानौर मार्ग पर स्थित कादयान होटल पर चारपाई पर लेटे हुए को गोली मारी। उसके बाद हमलावर गांव चिमनी मेें ओमप्रकाश के मकान पर पहुंचे ओर वहां कुलबीर को गोली मारी। जिससे एक भाई ने तो मौके पर दम तोड़ दिया और दूसरे ने पीजीआई रोहतक मेें दम तोड़ दिया।
- दो साल से आनंद की पत्नी अपने मायके रह रही थी
आनंद की पत्नी पिछले करीब 2 वर्ष से झगड़ा करके अपने मायके में रह रही थी। आनंद की दो लड़की हैं, एक करीब 8 वर्ष की एक 6 वर्ष की है। कुलबीर अविवाहित था और भाई राजेश भी अविवाहित था। बेरी-कलानौर मार्ग पर कादयान होटल पर सीसीटीवी नहीं लगे। अगर होटल पर सीसीटीवी लगे होते तो घटना सीसीटीवी में कैद हो जाती।
- ठेके पर जमीन की करते थे बुआई
ग्रामीणों की माने तो ओमप्रकाश का परिवार जमीदार परिवार है और करीब 3 एकड़ जमीन है, जिन हमलावरों ने घटना को अंजाम दिया, उनकी जमीन को ठेके पर लेकर पिछले करीब 20 वर्षों से बुआई करते थे। ग्रामीणों को एक बात हजम नहीं हो रही है कि करीब 20 वर्षों से दोनों परिवारों में इतना प्यार था कि एकाएक दोनों भाईयों को गोली मारकर हत्या कर दी गई।
- दो वर्ष पहले किराए पर लिया होटल
गांव चिमनी निवासी आनंद ने करीब 2 वर्ष पहलेे कादयान होटल को किराए पर लिया था। उसे वही चलाता था, घटना के बाद होटल मालिक भी घटनास्थल पर पहुंचा। हमलावर जैसे ही होटल पर पहुंचे तो उन्होंने रसोई में सब्जी बना रहे व्यक्ति से पूछा की आनंद कहां है तो उसने कहा कि बाहर चारपाई पर लेटे हुए हैं। हमलावरों ने एकाएक आनंद को दो गोली मारी, जिससे आनंद की मौके पर मौत हो गई, उसके बाद हमलावर बुलेट बाइक पर सवार होकर गांव पहुंचे और कुलबीर को गोली मार दी। हमलावरों ने करीब आधे घंटे में ही दोनों भाईयों को गोली मारकर घटना को अंजाम दिया।