-फोटो 51 : मौके पर मौजूद एसडीआरएफ के कर्मचारी। संवाद
बहादुरगढ़। गांव रोहद और मांडौठी के बीच से गुजर रही एनसीआर नहर में बही दो लड़कियों के शव 45 घंटे बाद मिल गए हैं। मामा का शव शनिवार की सुबह ही गोताखोरों ने ढूंढ निकाला था, जबकि दोनों भांजियों के शवों का पता नहीं चल रहा था। घटना के 45 घंटे बाद दोनों शव बादली में मिले हैं।
एक शव घटना स्थल से 20 किलोमीटर तो दूसरा 35 किलोमीटर दूर मिला है। दोनों शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया है। पोस्टमार्टम सोमवार को होगा। घटना शुक्रवार की शाम को हुई थी। रोहद गांव में किराए के मकान में रहने वाला सुनील (28) अपनी भांजियों रागिनी और उर्मी के साथ शुक्रवार की शाम एनसीआर नहर पर कपड़े धोने के लिए गया था।
कपड़े धोते वक्त उसकी भांजियों का पैर फिसल गया और वह नहर में गिर गई थी। भांजियों को बचाते हुए मामा सुनील भी नहर में कूद पड़ा था और वह भी डूब गया था। शुक्रवार शाम से नहर में तीनों के शवों की तलाश की जा रही थी। अब 7 साल की उर्मी का शव घटना स्थल से 20 किलोमीटर दूर गोयला कलां गांव के पास और रागिनी (10) का शव 35 किलोमीटर मुंडाहेड़ा (बादली) क्षेत्र में मिला।
शव पूरी तरह सड़ चुके हैं। इनको ढूंढने के लिए चार एसडीआरएफ गोताखोर और पुलिस की टीमें जुटी रही। मौके पर आसौदा थाना एसएचओ अमित कुमार और एएसआई संदीप कुमार भी डटे रहे। मृतक सुनील बिहार के समस्तीपुर जिले के गांव मंझोली का रहने वाला था। डूबने वाली दोनों भांजिया रोहद गांव में अपनी मां के साथ ही रहती हैं। मृतक दोनों बेटियों की मां सोना रोहद गांव स्थित एक फैक्टरी में काम करती हैं।
सोना की चार बेटियां हैं। इनमें दो की नहर में डूबने से मौत हो गई जबकि दो उनके साथ रहती हैं। पति चरण सिंह का डेढ़ वर्ष पहले बीमारी के कारण निधन हो चुका है। भाई सुनील का भी शव शनिवार को नहर से निकाला गया था।
रोहद-मांडोठी गांव के पास से गुजर रही एनसीआर माइनर में शुक्रवार शाम मामा और दो भांजियों के डूबने की सूचना मिली थी। सूचना पर पुलिस और गोताखोर पहुंचे। शनिवार की दोपहर सुनील के शव को बाहर निकाला गया था। रविवार को दोपहर 1 बजे दोनों बच्चियों के शव भी मिल गए हैं। दोनों के शव पोस्टमार्टम हाउस में रखे गए हैं। सोमवार को पोस्टमार्टम होगा।
- मयंक मिश्रा, डीसीपी, बहादुरगढ़।