झज्जर। लोकसभा चुनाव में गर्मी अधिक होने के कारण केवल 63.4 फीसदी मतदान हुआ था, लेकिन इस बार जिला प्रशासन ने मतदान में लोगों की भागीदारी को बढ़ाने का निर्णय लिया है।
इसके लिए पिछले लोकसभा चुनाव में कम मतदान वाले 40 केंद्रों की पहचान की गई है। यहां पर सबसे कम मतदान हुआ था। अब इन केंद्रों पर मतदान प्रतिशत बढ़ाने का काम प्रशासन कर रहा है। इसके लिए घर-घर जाकर जहां बीएलओ लोगों को जागरूक कर रहे हैं। वहीं उन स्थानों पर भी सुधार करने का काम किया जा रहा है, जहां प्रशासनिक कमियां सामने आई थी। इसमें कुछ जगह मतदान केंद्रों तक जाने वाली सड़कों की हालत खराब थी तो कुछ जगहों पर मतदान केंद्र काफी दूर थे।
अब प्रशासन ने उन सड़कों को ठीक कराने के साथ-साथ कुछ जगहों पर मतदान केंद्रों की जगह भी बदली है। इस बार मौसम सही रहेगा। जिन मतदान केंद्रों पर कम मतदान हुआ था, उसमें बहादुरगढ़ विधानसभा के 10 मतदान केंद्र, बादली विधानसभा के 10 और झज्जर और बेरी विधानसभा के दस-दस मतदान केंद्रों को शामिल किया गया है।
इसके लिए घर-घर जाकर जागरूक करने के अलावा स्वीप के तहत गतिविधियां करवाई जा रही हैं। एक अक्तूबर को दादरी तोए में जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। साथ ही कुछ मतदान केंद्रों पर सेल्फी प्वाइंट बनाए जाने की योजना है।
इंसेट
लोकसभा चुनाव में विधानसभा अनुसार हुआ था यह मतदान
बादली-65.4
बहादुरगढ़-59.3
बेरी-64.9
झज्जर-65.3
वर्जन
विधानसभा चुनाव में शत प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने के लिए स्वीप अभियान के तहत जिला प्रशासन प्रभावी कदम उठा रहा है। कम मतदान वाले केंद्रों के क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत मतदाताओं को मतदान का महत्व समझाने के लिए घर-घर जाकर संपर्क किया जा रहा है। साथ ही स्कूलों, पंचायत भवनों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। बीएलओ भी क्षेत्रों में लोगों को मतदान प्रक्रिया की सरलता और महत्ता के बारे में जानकारी दें रहे हैं।-सलोनी शर्मा, एडीसी एवं नोडल अधिकारी, स्वीप अभियान